बांग्लादेश में हमले का अलर्ट, चुनाव से पहले अमेरिका ने अपने नागरिकों को चेताया; रैलियों और मंदिरों पर खतरा
Bangladesh Election: बांग्लादेश में होने वाले आम चुनावों से पहले अमेरिका ने 'सुरक्षा अलर्ट' जारी किया है। उग्रवादी हमलों और राजनीतिक हिंसा की आशंका के बीच अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।
- Written By: अमन उपाध्याय
ढाका अमेरिकी दूतावास, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US Security Alert Bangladesh: पड़ोसी देश बांग्लादेश में आगामी आम चुनावों को लेकर स्थिति तनावपूर्ण होती जा रही है। अमेरिका ने शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को बांग्लादेश में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एक गंभीर ‘सुरक्षा अलर्ट’ जारी किया है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, चुनाव अवधि के दौरान देश में बड़े पैमाने पर राजनीतिक हिंसा या उग्रवादी हमले होने की प्रबल आशंका है। ढाका स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक सलाह जारी कर नागरिकों को भीड़भाड़ वाले इलाकों और राजनीतिक प्रदर्शनों से दूर रहने के निर्देश दिए हैं।
चुनाव और उग्रवादियों के निशाने पर धार्मिक स्थल
बांग्लादेश में 12 फरवरी को 300 संसदीय सीटों के लिए मतदान और एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह एक साथ होने जा रहा है। अमेरिकी सुरक्षा चेतावनी में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि उग्रवादी समूह राजनीतिक रैलियों, मतदान केंद्रों और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को अपना निशाना बना सकते हैं।
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इसमें चर्च, मंदिर, मस्जिद और अन्य धार्मिक महत्व के स्थानों पर हमले का खतरा जताया गया है। दूतावास ने नागरिकों को याद दिलाया है कि शांतिपूर्ण दिखने वाले प्रदर्शन भी अचानक हिंसक रूप ले सकते हैं, इसलिए किसी भी बड़े समूह के पास जाते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए।
दूतावास की सेवाएं सीमित
बढ़ते खतरे और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बांग्लादेश सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। प्रशासन ने 10 फरवरी से मोटरसाइकिलों के चलने पर प्रतिबंध लगा दिया है जबकि 11 और 12 फरवरी को सभी प्रकार के परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
अमेरिकी दूतावास ने भी सूचित किया है कि वह चुनाव के इन दो महत्वपूर्ण दिनों (11-12 फरवरी) में केवल सीमित ऑन-साइट सेवाएं ही प्रदान करेगा। अमेरिकी नागरिकों को अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करने और यात्रा के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार रखने की सलाह दी गई है।
बदला हुआ राजनीतिक परिदृश्य
बांग्लादेश में राजनीतिक माहौल काफी अस्थिर बना हुआ है। पिछले साल पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को भंग किए जाने के बाद अब पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) सबसे बड़ी ताकत के रूप में उभरी है। हालांकि, चुनाव प्रचार शुरू होने के बाद से ही हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं।
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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 22 जनवरी से शुरू हुए प्रचार के दौरान अब तक कम से कम चार लोगों की मौत हो चुकी है। इसी बीच, अमेरिकी राजदूत ब्रेंट टी. क्रिस्टेंसन ने जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान से मुलाकात कर चुनाव प्रक्रिया पर चर्चा की है। गौरतलब है कि इस बार के चुनावों की निगरानी के लिए कम से कम 16 देशों से 57 चुनाव पर्यवेक्षक बांग्लादेश पहुंच रहे हैं।
