जंग की रिहर्सल और 2000 बैलिस्टिक मिसाइलें; आर-पार के मूड में ट्रंप और खामेनेई, गहराया महायुद्ध का संकट!

US Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का काउंटडाउन शुरू हो गया है। ट्रंप की सैन्य घेराबंदी के जवाब में ईरान ने 2000 मिसाइलें तैनात कीं, उधर ग्रीनलैंड पर US-यूरोप में टकराव बढ़ता हुआ नजर आ रहा।
War rehearsals and 2000 ballistic missiles; Trump and Khamenei in a confrontational mood, the threat of a world war intensifies!
ईरान अमेरिका तनाव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Middle East War Update:  इस वक्त दो बड़े सैन्य मोर्चों पर टकराव के करीब खड़ी है। एक तरफ मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है, तो दूसरी तरफ ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और उसके अपने यूरोपीय सहयोगियों के बीच दरार आ गई है।

ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी युद्धपोत ईरान के बेहद करीब पहुंच चुके हैं और अमेरिकी वायुसेना ने युद्ध का रिहर्सल भी शुरू कर दिया है। डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के सरेंडर के बिना पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

ईरान की 2000 मिसाइलें तैयार

अमेरिकी धमकियों के बीच ईरान ने भी अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया है। ईरान ने दावा किया है कि उसने पलटवार के लिए 2000 से ज्यादा एडवांस बैलिस्टिक मिसाइलें तैनात कर दी हैं। ये मिसाइलें मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों और विशेष रूप से अमेरिका के सबसे ताकतवर एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन को निशाना बनाने के लिए 'टारगेट लॉक' मोड में रखी गई हैं। इसके अलावा, ईरान ने अपनी परमाणु पनडुब्बी को सक्रिय कर दिया है और उसके पास खतरनाक ड्रोन फ्लीट और एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें भी मौजूद हैं।

'ऑपरेशन खामेनेई' और तख्तापलट की रणनीति

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य केवल सैन्य हमला नहीं बल्कि ईरान में सत्ता परिवर्तन करना है, जिसे 'ऑपरेशन खामेनेई' का नाम दिया गया है। अमेरिका को उम्मीद है कि इस बढ़ते दबाव के कारण ईरान परमाणु हथियारों के बिना किसी निष्पक्ष समझौते पर राजी होगा। इसी बीच, यूरोपीय संघ (EU) ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। अमेरिका ने जॉर्डन में 15 लड़ाकू विमान और बहरीन में गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर तैनात कर अपनी घेराबंदी पूरी कर ली है।

अमेरिका बनाम यूरोप की नई जंग

तनाव केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं है। ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की सैन्य कब्जे की धमकी ने अमेरिका और नाटो देशों के बीच टकराव पैदा कर दिया है। ट्रंप बार-बार ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात कर रहे हैं जिसके जवाब में फ्रांस ने ग्रीनलैंड के पास उत्तरी अटलांटिक महासागर में अपना परमाणु एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात कर दिया है। ब्रिटेन, जर्मनी और इटली जैसे देश भी ग्रीनलैंड की संप्रभुता के मुद्दे पर अमेरिका के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं, जिससे नाटो में फूट पड़ने की आशंका बढ़ गई है।