अभी नहीं मिली सजा… Iran के शांति प्रस्ताव पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- जरूतत पड़ी तो फिर हमला करूंगा
US-Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को लेकर कहा कि वो इसकी समीक्षा कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने इसे ठुकराने के संकेत दिए हैं।
- Written By: अक्षय साहू
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump on Iran’s New Peace Proposal: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर हुए लगभग एक महीना होने वाला है। हालांकि, सीजफायर के बाद भी दोनों देश अभी तक किसी स्थायी समझौते पर सहमत होते नजर नहीं आ रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि वे ईरान के नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने शक जताया कि यह प्रस्ताव मंजूर किया जा सकेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट कहा कि ईरान ने अभी तक अपने पहले के किए गए कृत्यों की पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि, “मैं जल्द ही उस प्रस्ताव की समीक्षा करूंगा जो ईरान की सरकार ने हमें भेजा है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि इसे मंजूरी मिलेगी, क्योंकि ईरान ने पिछले 47 वर्षों में मानवता और दुनिया के साथ जो किया है, उसकी बड़ी कीमत अभी तक नहीं चुकाई है।”
ईरान के प्रस्ताव को मंजूरी मिलना मुश्किल: ट्रंप
मीडिया से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने अभी तक ईरान द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को पूरी तरह से नहीं देखा है। ट्रंप ने कहा, “नहीं, मैंने अभी नहीं देखा है। मैं इसे ऊपर (एयर फोर्स वन) में देख रहा हूं… बाद में आपको बताऊंगा।” लेकिन मुझे नहीं लगता कि मैं इसे मंजूर करूंगा।
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वहीं, ईरान की तसनीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान का 14 सूत्रों वाला प्रस्ताव सभी मोर्चों पर “युद्ध खत्म करने” के लिए एक व्यापक ढांचा पेश करता है, जिसमें तेहरान के साथ-साथ लेबनान से जुड़े तनाव को भी शामिल किया गया है। न्यूज एजेंसी ने बताया कि प्रस्ताव में किसी अस्थायी सीजफायर को खारिज करते हुए 30 दिनों के अंदर स्थायी समाधान की बात कही गई है।
ईरान ने अमेरिका के सामने क्या मांग रखी है
ईरान ने अमेरिका को भेजे प्रस्ताव में अपनी पुरानी मांगों को दोहराया है। इसमें भविष्य में हमलों को रोकने के लिए सुरक्षा गारंटी, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की जल्द से जल्द वापसी और नौसैनिक प्रतिबंधों व स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी नाकेबंदी को हटाने की मांग की गई है। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका से अपने फ्रीज किए गए फंड्स जारी करने के अलावा सैन्य कार्रवाई में हुए नुकसान की भरपाई की मांग भी रखी है।
ईरान ने अपने प्रस्ताव में आर्थिक मोर्चे पर जारी सभी अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाने की मांग की है। इसके अलावा, प्रस्ताव में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए एक नई व्यवस्था बनाने की बात कही गई है, जिससे समुद्री व्यापार सुचारु बना रहे।
पाकिस्तान के जरिए भेजा गया प्रस्ताव
प्रस्ताव को लेकर ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने जानकारी दी कि यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए भेजा गया है। गरीबाबादी ने कहा कि इसका उद्देश्य “थोपा गया युद्ध” स्थायी रूप से खत्म करना है और अब फैसला अमेरिकी सरकार को करना है कि उसे कूटनीति चाहिए या फिर युद्ध।
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जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है अमेरिका
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान समझौता करने के लिए उत्सुक है, लेकिन उसका नेतृत्व बिखरा हुआ है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अगर समझौता नहीं होता है, तो वे ईरान पर फिर से सैन्य कार्रवाई का आदेश देने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि अगर वे गलत व्यवहार करते हैं, तो यह एक संभावना है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान बुरी तरह कमजोर हो चुका है और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में उसकी सैन्य क्षमता काफी हद तक समाप्त हो चुकी है।
