रान में तनाव चरम पर (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान में फांसी रुकी, अमेरिका का समुद्री दानव मिडिल ईस्ट की ओर रवाना

Iran US War: ईरान में तनाव चरम पर है, ट्रंप ने फांसी रुकने का दावा किया है जबकि अमेरिकी बेड़ा मिडिल ईस्ट पहुंच रहा है। ईरान ने अपना एयरस्पेस बंद किया, 3400 से अधिक मौतें होने की आशंका जताई जा रही है।

प्रिया सिंह

US carrier USS Abraham Lincoln Iran movement: ईरान में गहराते मानवीय संकट और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा किया है कि वहां फांसी की सजाओं पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट इस दावे के उलट हजारों लोगों की मौत और सामूहिक गिरफ्तारियों की एक खौफनाक तस्वीर पेश कर रही है।

मध्य पूर्व में अमेरिकी युद्धपोतों की बढ़ती हलचल और ईरान द्वारा अपने हवाई क्षेत्र को अचानक बंद करने से युद्ध की आहट काफी तेज हो गई है। वैश्विक समुदाय इस समय सांस रोककर देख रहा है कि क्या अमेरिका अगले 24 घंटों में कोई बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू करने वाला है।

ट्रंप का बड़ा दावा

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को प्रेस वार्ता में कहा कि ईरान के भीतर अब हत्याओं का सिलसिला थम रहा है और प्रदर्शनकारियों को फांसी नहीं दी जाएगी। उन्होंने अपने विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से शांति की उम्मीद जताई है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि स्थिति की पूरी सच्चाई जल्द ही दुनिया के सामने आएगी। ट्रंप के इस बयान को कूटनीतिक दबाव बनाने की एक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है ताकि ईरानी शासन को पीछे हटने पर मजबूर किया जा सके।

सैन्य हलचल और निकासी

तनाव के चरम पर पहुंचने के बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में स्थित अपने चुनिंदा सैन्य ठिकानों से गैर-जरूरी कर्मियों को हटाना शुरू कर दिया है। इसे एहतियाती कदम बताया जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह संभावित हवाई हमलों से पहले की तैयारी भी हो सकती है। ईरान ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि किसी भी हमले की स्थिति में क्षेत्र के सभी अमेरिकी सैन्य अड्डे उनके सीधे निशाने पर होंगे।

ईरानी हवाई क्षेत्र बंद

युद्ध की बढ़ती आशंकाओं के बीच ईरान ने अचानक अपने पूरे हवाई क्षेत्र को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है, जिससे नागरिक उड़ानों में हड़कंप मच गया है। केवल विशेष अनुमति वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को ही प्रवेश दिया जा रहा है, जो अक्सर किसी बड़े सैन्य ऑपरेशन की पूर्व संध्या पर देखा जाता है। यह पाबंदी अस्थायी बताई जा रही है, लेकिन इसने रणनीतिक हलकों में भविष्य के किसी बड़े टकराव के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं।

अमेरिकी समुद्री दानव सक्रिय

अमेरिकी नौसेना का विशालकाय एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन अपने स्ट्राइक ग्रुप के साथ दक्षिण चीन सागर से अब मिडिल ईस्ट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि व्हाइट हाउस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सैटेलाइट तस्वीरें हिंद महासागर में इसकी सक्रियता की गवाही दे रही हैं। इस युद्धपोत की मौजूदगी का मतलब है कि अमेरिका क्षेत्र में अपनी मारक क्षमता को कई गुना बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

मानवाधिकारों का भीषण उल्लंघन

ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) के मुताबिक ईरान में अब तक 2,586 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जबकि कुछ संगठन यह संख्या 3,428 बता रहे हैं। हिरासत में लिए गए 10,000 से अधिक लोगों के साथ दुर्व्यवहार की खबरें भी एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसी संस्थाओं द्वारा लगातार साझा की जा रही हैं। सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों के सिर और सीने को निशाना बनाकर सीधे गोलियां चलाने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

ऐतिहासिक जनआक्रोश की लहर

मौजूदा प्रदर्शन ईरान के 180 से ज्यादा शहरों तक फैल चुके हैं, जिसे 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद शासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। सरकार ने इंटरनेट को पूरी तरह बंद कर रखा है ताकि दमन की खबरें बाहर न जा सकें, लेकिन इसके बावजूद जनता का गुस्सा कम नहीं हो रहा है। अमेरिका और उसके सहयोगी अब इस बात पर गहराई से विचार कर रहे हैं कि बिना पूर्ण युद्ध के शासन पर कैसे दबाव बनाया जाए।

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