अमेरिकी और इजराइली हवाई हमलों मारे गए सर्वोच्च नेता खामेनेई, IRGC के कमांडर सहित सात वरिष्ठ सैन्य अधिकारी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Israel US Joint Military Operations In Iran: ईरान और इजराइल के बीच चल रहा तनाव अब एक विनाशकारी और अत्यंत हिंसक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए ईरान में संयुक्त सैन्य अभियान ने पूरे क्षेत्र की राजनीति को हमेशा के लिए बदल दिया है। इन भीषण हवाई हमलों में न केवल सामरिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, बल्कि ईरान की सत्ता के सबसे मजबूत स्तंभों को भी ढहा दिया गया है। पूरी दुनिया इस समय “मध्य पूर्व में संघर्ष का बढ़ना” को लेकर बेहद चिंतित है क्योंकि इसके परिणाम बहुत गंभीर हो सकते हैं।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के शक्तिशाली कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद पाकपुर की इस भीषण हमले में मौत की पुष्टि हो चुकी है। इजराइली रक्षा बलों का आरोप है कि पाकपुर सीधे तौर पर इजराइल को नष्ट करने की साजिशों और मिसाइल अभियानों का नेतृत्व कर रहे थे। उनके अचानक चले जाने से ईरान के सैन्य तंत्र को एक ऐसा रणनीतिक घाटा हुआ है जिसकी भरपाई करना वर्तमान परिस्थितियों में नामुमकिन नजर आता है।
इस संयुक्त सैन्य ऑपरेशन में केवल पाकपुर ही नहीं बल्कि रक्षा मंत्री अजीज नासिरजादेह और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी अपनी जान गंवा चुके हैं। आईडीएफ का दावा है कि इन अधिकारियों ने क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों के साथ मिलकर खतरनाक हथियारों और परमाणु विकास परियोजनाओं में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सात शीर्ष कमांडरों के एक साथ खात्मे ने ईरान के पूरे रक्षा प्रतिष्ठान की कमर तोड़कर रख दी है और वहां के नेतृत्व में डर का माहौल है।
सबसे चौंकाने वाली खबर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके वरिष्ठ रणनीतिक सलाहकार अली शामखानी की मौत की सामने आई है। शामखानी को ईरान के रक्षा तंत्र का एक अत्यंत प्रभावशाली चेहरा माना जाता था जो पिछले कई सालों से सर्वोच्च नेता को महत्वपूर्ण सुरक्षा सलाह दिया करते थे। उनके कार्यालय पर हुई भारी बमबारी ने ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व को सीधे तौर पर निशाना बनाकर पूरी शासन व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है।
इजराइली वायु सेना ने अमेरिकी खुफिया सहयोग से ईरान के सामरिक बुनियादी ढांचे पर अब तक के सबसे सटीक और घातक हवाई हमले किए हैं। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की उस लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता को नष्ट करना था जो इजराइल और पश्चिमी देशों के लिए एक बड़ा सुरक्षा खतरा बनी हुई थी। ईरान ने हालांकि अभी तक अपने इन बड़े अधिकारियों की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है लेकिन जमीन पर तबाही के मंजर सब कुछ बयां कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें: अमेरिकी सैन्य हमलों में मारे गए दुनिया के ये 6 सबसे शक्तिशाली नेता, जानें पूरा विवरण
खामेनेई और उनके कमांडरों की मौत की खबर के बाद पूरे ईरान में गम और गुस्से की लहर है और IRGC ने अब भीषण बदला लेने की कसम खाई है। ईरानी सेना ने अमेरिकी सैन्य अड्डों पर विनाशकारी हमलों की खुली चेतावनी दी है जिससे दुनिया अब एक बड़े और सीधे युद्ध के मुहाने पर खड़ी दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में यह देखना सबसे महत्वपूर्ण होगा कि ईरान का नया नेतृत्व इस अभूतपूर्व संकट से अपने देश और शासन को कैसे बचा पाता है।