

US military plane disguised civilian Venezuela: वेनेजुएला के तट पर ड्रग तस्करी रोकने के नाम पर अमेरिका द्वारा किए गए सैन्य ऑपरेशनों ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। ताजा खुलासों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने अपने लड़ाकू विमानों को नागरिक विमान (Civilian Aircraft) जैसा दिखने के लिए पेंट किया था, जो अंतरराष्ट्रीय युद्ध नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जा रहा है।
पेंटागन की अपनी नियमावली के अनुसार, नागरिक वेश में हमला करना 'कपट' या 'परफिडी' (Perfidy) की श्रेणी में आता है, क्योंकि यह भविष्य में निर्दोष नागरिक विमानों को दुश्मन के निशाने पर ला देता है। इस गुप्त अभियान में अब तक 115 लोग मारे जा चुके हैं, जिसके बाद मानवाधिकार संगठनों और अमेरिकी सीनेट ने सरकार की मंशा पर कड़े सवाल उठाए हैं।
एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2 सितंबर को एक संदिग्ध नाव पर हमला करने वाला विमान अमेरिकी खुफिया बेड़े का हिस्सा था। आमतौर पर सैन्य विमानों में हथियार और मिसाइलें विंग्स के नीचे साफ दिखाई देती हैं, लेकिन इस मिशन में हथियारों को विमान के अंदर (Fuselage) छिपाया गया था। इस वेशभूषा का मकसद दुश्मन को यह धोखा देना था कि ऊपर उड़ रहा विमान एक साधारण यात्री या मालवाहक जहाज है, जिससे वे अपनी सुरक्षा ढीली कर दें।
अमेरिकी रक्षा विभाग की 1,000 से अधिक पन्नों की 'लॉ ऑफ वॉर' (Law of War) नियमावली नागरिक वेश में हमले को 'विश्वासघात' मानती है। नियमों के अनुसार, लड़ाकू विमानों पर स्पष्ट राष्ट्रीय पहचान चिन्ह (Insignia) होना अनिवार्य है ताकि उन्हें नागरिक संपत्तियों से अलग पहचाना जा सके। अगर कोई सेना नागरिक सुरक्षा का उपयोग कर हमला करती है, तो वह युद्ध अपराध (War Crime) की श्रेणी में आ सकता है क्योंकि इससे दुनिया भर के असली नागरिक विमानों की सुरक्षा दांव पर लग जाती है।
ट्रंप प्रशासन द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वेनेजुएला के नार्को-तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करना था। अब तक हुए 30 से अधिक हमलों में कम से कम 115 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें कई कथित तस्कर और नाविक शामिल हैं। इस पूरे सैन्य दबाव का अंत इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की नाटकीय गिरफ्तारी के साथ हुआ, जिन्हें अब अमेरिका में ड्रग तस्करी के आरोपों का सामना करना होगा।
अमेरिकी सेना की इस 'कपटपूर्ण' रणनीति के सामने आने के बाद वॉशिंगटन में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी सीनेट इस सप्ताह एक 'वॉर पावर्स रेजोल्यूशन' (War Powers Resolution) पर मतदान करने की तैयारी कर रही है, जो बिना कांग्रेस की मंजूरी के वेनेजुएला में आगे की सैन्य कार्रवाई पर रोक लगा सकता है। विपक्षी नेताओं का तर्क है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कानून प्रवर्तन (Law Enforcement) के नाम पर एक अघोषित युद्ध छेड़ दिया है जो अंतरराष्ट्रीय नैतिकता के खिलाफ है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, 'परफिडी' तब होती है जब कोई पक्ष अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत मिली सुरक्षा (जैसे नागरिक होना) का फायदा उठाकर दुश्मन को मारता या पकड़ता है। अमेरिकी नौसेना की गाइडलाइन साफ कहती है कि शत्रु सेना पर हमला करते समय 'सैन्य सम्मान' की सीमाओं के भीतर रहना चाहिए। पेंटागन के प्रवक्ता ने हालांकि बचाव में कहा कि मिशन की जरूरतों के हिसाब से 'गैर-मानक विमानों' का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन वे इसे पूरी तरह वैध बताने में विफल रहे हैं।