अयातुल्लाह खामेनेई की मौत (सोर्स- सोशल मीडिया)
Global Leaders Killed By US: इतिहास गवाह है कि सत्ता और संघर्ष की इस दुनिया में कई शक्तिशाली चेहरों का अंत बहुत ही नाटकीय और हिंसक रहा है। अमेरिका की सैन्य ताकत ने समय-समय पर दुनिया के राजनीतिक मानचित्र को बदलने में एक बहुत बड़ी और निर्णायक भूमिका निभाई है। अमेरिका द्वारा वैश्विक नेताओं की हत्या की यह दास्तां केवल युद्ध के बारे में नहीं बल्कि दुनिया के बदलते समीकरणों की एक झलक पेश करती है। इन नेताओं के खात्मे ने कहीं शांति की उम्मीद जगाई तो कहीं नए क्षेत्रीय संघर्षों और विवादों को जन्म दिया है।
दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठन अल-कायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन को अमेरिका ने 2 मई 2011 को पाकिस्तान के एबटाबाद में मार गिराया था। ‘ऑपरेशन नेपच्यून स्पीयर’ के तहत अमेरिकी नेवी सील्स ने आधी रात को लादेन के परिसर पर धावा बोलकर इस गुप्त मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस एक ऐतिहासिक हमले ने पूरी दुनिया में वैश्विक आतंकवाद के सबसे डरावने चेहरे का हमेशा के लिए अंत कर अमेरिकी शक्ति को साबित किया।
इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को साल 2003 में अमेरिकी आक्रमण के बाद उनके एक गुप्त ठिकाने से बेहद नाटकीय स्थिति में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि उन्हें फांसी की सजा एक इराकी अदालत ने सुनाई थी लेकिन उनकी गिरफ्तारी और पूरे मुकदमे के पीछे अमेरिकी सेना का ही मुख्य हाथ था। अंततः 30 दिसंबर 2006 को मानवता के खिलाफ किए गए उनके क्रूर अपराधों के लिए उन्हें फांसी पर लटका कर एक युग का अंत किया गया।
लीबिया पर करीब 42 सालों तक एकछत्र राज करने वाले कर्नल मुअम्मर गद्दाफी की मौत साल 2011 के भीषण गृहयुद्ध के दौरान एक हवाई हमले के बाद हुई थी। नाटो के विमानों और अमेरिकी ड्रोन हमलों ने गद्दाफी के सुरक्षा काफिले को निशाना बनाया जिसके बाद वे स्थानीय विद्रोहियों द्वारा पकड़े गए और उनकी हत्या हुई। उनकी मौत ने लीबिया के एक लंबे तानाशाही शासन को समाप्त कर दिया लेकिन देश को एक अनिश्चित भविष्य और आंतरिक संघर्ष की ओर धकेल दिया।
ईरान की शक्तिशाली कुद्स फोर्स के कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी 3 जनवरी 2020 को बगदाद हवाई अड्डे के बाहर एक सटीक अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए थे। तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे आदेश पर हुए इस हमले ने पूरे मध्य पूर्व के देशों के बीच एक गंभीर सैन्य और राजनीतिक संकट पैदा किया। सुलेमानी की मौत को ईरान के लिए एक बहुत बड़ा रणनीतिक झटका माना जाता है जिससे अमेरिका के साथ उसके संबंधों में बहुत कड़वाहट आई।
खूंखार आतंकी संगठन ISISI के प्रमुख अबू बक्र अल-बगदादी को अक्टूबर 2019 में अमेरिकी विशेष बलों ने सीरिया के एक सुदूर इलाके में चारों तरफ से घेरा था। पकड़े जाने और अपमानित होने के डर से बगदादी ने अपनी आत्मघाती जैकेट में धमाका कर खुद को अपने बच्चों के साथ मलबे के नीचे खत्म कर लिया। ‘ऑपरेशन कायला मुलर’ नामक इस सफल सैन्य अभियान ने दुनिया के सबसे बर्बर आतंकी संगठन के नेतृत्व को खत्म कर उसे काफी कमजोर कर दिया।
ईरानी सरकारी मीडिया ने आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि की है कि 86 वर्षीय खामेनेई की मौत शनिवार सुबह उनके कार्यालय पर हुई भारी बमबारी में हो गई है। अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए इस संयुक्त हवाई हमले में उनके कार्यालय को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया और मलबे से उनका शव बरामद हुआ। इस बड़ी घटना ने वैश्विक स्तर पर सनसनी फैला दी है और यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति के एक नए और अत्यंत अनिश्चित अध्याय की शुरुआत है।
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इन सभी शक्तिशाली नेताओं के अंत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आधुनिक तकनीक और सैन्य शक्ति किसी भी अभेद्य किले को भेदने की पूरी क्षमता रखती है। जहां इन अभियानों ने कई बार वैश्विक न्याय की भावना को संतुष्ट किया वहीं कई मौकों पर इन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए सुरक्षा संबंधी खतरों को भी जन्म दिया। इतिहास इन सैन्य कार्यवाहियों को हमेशा याद रखेगा क्योंकि इन्होंने न केवल नेताओं को खत्म किया बल्कि आने वाले भविष्य की राजनीति को भी बदला।