AI की दुनिया में छिड़ा ‘डिस्टिलेशन वॉर’: अमेरिका ने चीन पर लगाया बौद्धिक चोरी का आरोप, ट्रंप प्रशासन ने कसी कमर
US China AI Distillation: ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी AI कंपनियों के साथ मिलकर चीन के 'डिस्टिलेशन' हमलों को रोकने की योजना बनाई है। चीन पर अमेरिकी AI मॉडल्स से गोपनीय जानकारी चुराने का आरोप है।
- Written By: अमन उपाध्याय
सांकेतिक AI फोटो
US China AI Distillation Trump Administration Plan: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में वैश्विक प्रभुत्व को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव एक नए स्तर पर पहुंच गया है। ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी एआई कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है ताकि चीन द्वारा किए जा रहे ‘डिस्टिलेशन’ (Distillation) हमलों और गोपनीय जानकारी के लीक होने को रोका जा सके। अमेरिका का आरोप है कि चीन इन तकनीकों के जरिए अमेरिकी रिसर्च और डेवलपमेंट को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।
क्या है ‘डिस्टिलेशन’ और चीन की रणनीति?
एआई में डिस्टिलेशन एक ऐसी तकनीक है जिसमें एक बड़ा और जटिल मॉडल अपनी सीखी हुई जानकारी एक छोटे और तेज मॉडल को सिखाता है। व्हाइट हाउस के ऑफिस ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी के डायरेक्टर माइकल क्रैट्सियोस के अनुसार, विदेशी इकाइयां (विशेषकर चीन) हजारों फर्जी अकाउंट बनाकर अमेरिकी एआई टूल्स का उपयोग करती हैं।
ये अकाउंट्स मिलकर एआई मॉडल को ‘जेलब्रेक’ करने या ऐसी गोपनीय जानकारी निकालने की कोशिश करते हैं जो सार्वजनिक नहीं होनी चाहिए। बाद में इसी चोरी की गई जानकारी का इस्तेमाल चीन अपने एआई मॉडल्स की ट्रेनिंग और निर्माण में करता है,।
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दिग्गज कंपनियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप
अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने मार्च में सीधे तौर पर चीन की तीन यूनिकॉर्न कंपनियों डीपसीक (DeepSeek), मिनीमैक्स (MiniMax) और मूनशॉट एआई (Moonshot AI) पर गंभीर आरोप लगाए थे ।
एंथ्रोपिक का दावा है कि इन कंपनियों ने उनके क्लाउड मॉडल से गैरकानूनी तरीके से क्षमताएं निकालकर अपने सिस्टम को बेहतर बनाया है। वहीं, वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उनकी तकनीकी प्रगति उनकी अपनी मेहनत का परिणाम है।
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ट्रंप प्रशासन का ‘डिफेंस प्लान’
इन गतिविधियों को रोकने के लिए व्हाइट हाउस ने अब अमेरिकी कंपनियों के साथ अधिक जानकारी साझा करने का निर्णय लिया है,। इसमें हमलों के तरीके और उनमें शामिल लोगों की पहचान साझा करना शामिल है। क्रैट्सियोस का मानना है कि जैसे-जैसे इन डिस्टिलेशन हमलों को रोकने के तरीके बेहतर होंगे वैसे-वैसे उन विदेशी मॉडल्स की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठेंगे जो इस तरह की ‘कमजोर नींव’ पर बनाए गए हैं।
