Zoho Corp ने लॉन्च किया स्वदेशी ‘Nathu La’ सर्वर, बिजली की लागत और खपत होगी कम
Zoho Nathu La Server: जोहा कॉर्पोरेशन ने पूरी तरह भारत में डिज़ाइन और विकसित 'नाथू ला' सर्वर लॉन्च कर तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है, जो 30% तक लागत और बिजली की खपत को कम करेगा।
- Written By: आकाश मसने
Zoho Corp ने लॉन्च किया स्वदेशी 'Nathu La' सर्वर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Zoho Launched Nathu-La Server: भारतीय टेक दिग्गज जोहो कॉर्पोरेशन (Zoho Corp) ने घरेलू तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। कंपनी ने अपना पहला पूर्ण रूप से स्वदेशी डिजाइनर सर्वर ‘नाथू ला’ (Nathu La) बाजार में उतार दिया है। हार्डवेयर से लेकर सॉफ्टवेयर तक आत्मनिर्भर बनने की दिशा में जोहो का यह कदम भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को विदेशी निर्भरता से मुक्त कराने में गेम-चेंजर साबित होगा।
वर्तमान में भारत का डिजिटल ढांचा तेजी से फैल रहा है, लेकिन इसके मुख्य आधार यानी सर्वर तकनीक के लिए भारतीय कंपनियों को हमेशा विदेशी मुल्कों का रुख करना पड़ता था। इसके चलते भारी-भरकम रॉयल्टी और लाइसेंसिंग फीस देश से बाहर जाती थी। ज़ोहो कॉर्प ने ‘नाथू ला’ के जरिए इस चक्रव्यूह को तोड़ा है। इस सर्वर की पूरी बौद्धिक संपदा पर विशेष रूप से भारत का मालिकाना हक है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा संप्रभुता के लिहाज से एक क्रांतिकारी बदलाव है।
लागत और बिजली की बचत
‘नाथू ला’ सर्वर को वैश्विक मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इंटेल के तकनीकी सहयोग और अत्याधुनिक इंटेल जियॉन 6 (Intel Xeon 6) प्रोसेसर की शक्ति के साथ, यह सर्वर समान प्रदर्शन स्तर पर 12 से 18 प्रतिशत तक कम बिजली की खपत करता है। इतना ही नहीं, यह किसी भी बिजनेस के लिए कुल स्वामित्व लागत (TCO) को 20 से 30 फीसदी तक घटा देता है।
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ज़ोहो कॉर्प सीईओ शैलेश डेवी ने कहा कि हमें गर्व है कि ‘नाथू ला’ को पूरी तरह से भारत में डिज़ाइन किया गया है। यह साबित करता है कि हमारे छोटे शहरों और ग्रामीण अंचलों की छिपी हुई प्रतिभाएं भी विश्वस्तरीय और जटिल तकनीक विकसित करने का माद्दा रखती हैं।
नागपुर के युवाओं का कमाल और 5 साल की कड़ी रिसर्च
इस सर्वर के निर्माण की कहानी साल 2020 में नागपुर से शुरू हुई थी, जहां ज़ोहो ने स्थानीय युवाओं की एक छोटी टीम को आरएंडडी (R&D) के लिए प्रशिक्षित किया था। हार्डवेयर, फर्मवेयर और डेटा सेंटर सिक्योर कंट्रोल मॉड्यूल (DC-SCM) के क्षेत्र में 5 वर्षों की निरंतर रिसर्च के बाद यह मदरबोर्ड और चेसिस प्लेटफॉर्म तैयार हुआ है। यह आर्किटेक्चर वर्चुअलाइजेशन (VM), हाई-परफॉर्मेंस कम्प्यूटिंग (HPC), और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इन्फरेंस जैसे जटिल कार्यों को आसानी से संभालने में सक्षम है। कंपनी ने उन्नत थर्मल तकनीकों से जुड़े 5 से अधिक पेटेंट भी फाइल किए हैं।
ओपन कंप्यूट प्रोजेक्ट और एआई लागत में कमी
ओपन कंप्यूट प्रोजेक्ट (OCP) के सिद्धांतों पर आधारित यह सर्वर मॉड्युलर डिज़ाइन के साथ आता है, जिससे इसका रखरखाव बेहद आसान हो जाता है। ज़ोहो की योजना अपने मुख्य एप्लिकेशंस को इसी प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित करने की है। वर्तमान में जब एआई टूल्स के कारण कंपनियों का खर्च बेतहाशा बढ़ रहा है, ज़ोहो का यह कस्टमाइज्ड इंफ्रास्ट्रक्चर एआई संचालन की लागत को नियंत्रित कर ग्राहकों को बेहद किफायती और सुरक्षित क्लाउड समाधान प्रदान करेगा।
‘सेतु’ कार्यक्रम: टियर-2 शहरों में कौशल विकास की नई मिसाल
इस तकनीकी क्रांति के पीछे ज़ोहो का ‘सेतु’ (Students Engagement for Transformative Upskilling) कार्यक्रम है। इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) की व्यावहारिक ट्रेनिंग देने वाले इस प्रोग्राम के जरिए मध्य भारत के इंजीनियरिंग कॉलेजों के 300 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। जहां आज के दौर में एआई टूल्स के कारण युवाओं की बुनियादी समझ कमजोर होने का खतरा है, वहीं ‘सेतु’ छात्रों को समस्या समाधान और कोर इंजीनियरिंग की जमीनी समझ दे रहा है।
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मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को नई ऊर्जा
‘नाथू ला’ का निर्माण भारत सरकार की ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर (OSS) नीति और आत्मनिर्भर भारत अभियान के पूरी तरह अनुकूल है। फर्मवेयर अपडेट से लेकर सुरक्षा मानकों तक, किसी भी काम के लिए विदेशी वेंडर्स पर निर्भर न रहने की वजह से सरकारी खरीद और राष्ट्रीय सुपरकम्प्यूटिंग मिशन (NSM) में इस स्वदेशी सर्वर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है।
