वेनेजुएला पर US मिसाइल का कहर, फोटो (सो. एआई डिजाइन)
Venezuela Strike Latest News In Hindi: वेनेजुएला के उत्तरी हिस्से में स्थित ला गुएरा बंदरगाह पर 3 जनवरी को हुए अमेरिकी हवाई हमलों ने पूरे इलाके को दहला दिया है। इस हमले में न केवल आम नागरिकों की ‘लाइफलाइन’ कही जाने वाली रसद तबाह हुई बल्कि 300 साल पुरानी सांस्कृतिक धरोहर को भी गंभीर नुकसान पहुचा है।
वेनेजुएला के उत्तरी क्षेत्र में स्थित ला गुएरा बंदरगाह, जो देश में रोजमर्रा की जरूरतों के सामान के आयात का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है वह अमेरिकी हवाई हमलों का निशाना बना। 3 जनवरी की रात इस बंदरगाह पर तीन मिसाइलें दागी गईं, जिससे पूरे इलाके में जोरदार धमाकों से दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हमले में आम नागरिकों से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं और ढांचा बुरी तरह तबाह हो गया है।
अमेरिकी प्रशासन ने दावा किया है कि इन हमलों का निशाना वे गोदाम थे जहां कथित तौर पर नशीले पदार्थ रखे गए थे। हालांकि, जमीनी हकीकत और स्थानीय लोगों के दावे इसके उलट हैं। स्थानीय निवासी अलेजांद्रो काप्रिलेस ने बताया कि जिन गोदामों को निशाना बनाया गया, उनमें किडनी के मरीजों के लिए जरूरी दवाइयां और भारी मात्रा में खाने-पीने का सामान रखा था। इस तबाही के कारण अब कई मरीजों की जिंदगी पर संकट मंडरा रहा है क्योंकि उनकी पूरी निर्भरता इन्हीं मेडिकल सप्लाई पर थी।
इस हमले की चपेट में ला गुएरा राज्य सरकार की वह ऐतिहासिक इमारत भी आ गई जो लगभग 300 साल पुरानी है। यह इमारत कभी वेनेजुएला के पहले नेशनल कस्टम ऑफिस के रूप में इस्तेमाल होती थी। धमाकों के कारण इमारत की खिड़कियां टूट गईं और अंदर रखा फर्नीचर पूरी तरह बिखर गया। स्थानीय लोगों ने इसे अपनी सांस्कृतिक पहचान पर एक बड़ी चोट बताया है।
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हमले का सबसे बुरा प्रभाव वहां रहने वाले परिवारों और विशेष रूप से बच्चों पर पड़ा है। स्थानीय निवासी हुम्बर्टो बोलिवार ने बताया कि धमाके इतने शक्तिशाली थे कि उनके घर की खिड़कियां चकनाचूर हो गईं और मिसाइल के छर्रे उनकी छत पर रखी पानी की टंकी तक जा लगे। बोलिवार के अनुसार, उनके बच्चे अब घर से बाहर निकलने और स्कूल जाने से डर रहे हैं उन्हें हर पल दोबारा हमले का डर सताता रहता है। एक अन्य निवासी हेनरी कुमारेस ने दुखी होकर कहा कि अब लोगों की जिंदगी पहले जैसी नहीं रही और पूरा इलाका खौफ के साये में जी रहा है।