मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
US Cuba Diplomatic Relations Shift: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर एक बहुत बड़ा और हैरान करने वाला बयान दिया है जिससे पूरी दुनिया में हलचल मच गई है। उनका कहना है कि क्यूबा की सरकार इस समय बहुत ही बुरे दौर से गुजर रही है और उनके पास धन की भारी कमी है। अमेरिका क्यूबा कूटनीतिक संबंधों में बदलाव के इस दौर में ट्रंप ने हवाना के साथ जारी सीधी बातचीत की पुष्टि की है और इसे सकारात्मक बताया है। व्हाइट हाउस से टेक्सास रवाना होते समय उन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी और भविष्य के संकेतों को स्पष्ट किया है।
ट्रंप ने जोर देकर बताया कि क्यूबा की मौजूदा सरकार बहुत बड़ी मुश्किल में फंसी हुई है और उनके पास अब अपना देश चलाने के लिए कुछ भी नहीं बचा है। उन्होंने साफ कहा कि क्यूबा के पास पैसे खत्म हो चुके हैं और वहां के आम लोग अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी काफी ज्यादा संघर्ष कर रहे हैं। इसी आर्थिक तंगी और बदहाली की वजह से अब वे अमेरिका के साथ संपर्क में हैं और संकट से निकलने के लिए समाधान के नए रास्ते तलाश रहे हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘फ्रेंडली टेकओवर’ शब्द का इस्तेमाल किया है जिसका मतलब फिलहाल पूरी तरह स्पष्ट नहीं है लेकिन यह पूरी दुनिया में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। हालांकि उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया के विस्तार पर कोई विवरण नहीं दिया है पर उन्होंने अपनी बातचीत में दो बार इस खास बात को पूरी गंभीरता के साथ दोहराया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार कयास लगा रहे हैं कि यह कोई बड़ा आर्थिक समझौता या राजनीतिक बदलाव की शुरुआत हो सकती है जिससे वहां शांति और व्यवस्था बनी रहे।
ट्रंप का दृढ़ता से मानना है कि इस संभावित बदलाव का सबसे ज्यादा और सीधा फायदा उन लोगों को होगा जो बरसों पहले अपना घर छोड़कर अमेरिका में बस गए थे। उन्होंने कहा कि अमेरिका में रह रहे कई निर्वासित क्यूबाई लोग वापस अपने घर जाना चाहते हैं और वे वर्तमान में चल रही इस सकारात्मक चर्चा की खबर से बेहद खुश हैं। बचपन से चली आ रही आपसी कड़वाहट और विवादों के बीच अब ट्रंप को दोनों देशों के रिश्तों में कुछ बहुत ही सकारात्मक और बड़ा होने की उम्मीद दिख रही है।
अमेरिका और क्यूबा के आपसी संबंध दशकों से राजनीतिक शत्रुता और कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से हमेशा तनावपूर्ण रहे हैं और दोनों के बीच संवाद का रास्ता बंद था। ट्रंप की यह नई विदेश नीति पश्चिमी गोलार्ध में शक्ति के समीकरणों को पूरी तरह से बदलने की एक सोची-समझी कोशिश मानी जा रही है जिसे वे ऐतिहासिक बनाना चाहते हैं। अगर यह ‘फ्रेंडली टेकओवर’ भविष्य में हकीकत बनता है तो यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के इतिहास में एक बहुत ही बड़ी और युगांतकारी घटना के रूप में दर्ज की जाएगी।
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यह पहली बार नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप ने किसी दूसरे देश या क्षेत्र के विलय या अधिग्रहण की बात की हो क्योंकि इससे पहले वे ग्रीनलैंड को खरीदने की इच्छा जता चुके हैं। क्यूबा को लेकर उनका यह नया और आक्रामक रुख यह दर्शाता है कि वे अमेरिकी प्रभाव को पड़ोसी क्षेत्रों में और अधिक मजबूती से विस्तार देना चाहते हैं और अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं। क्यूबा की वर्तमान स्थिति को देखते हुए ट्रंप को लगता है कि यह सही समय है जब अमेरिका वहां एक बड़ा और सकारात्मक हस्तक्षेप करके इतिहास को बदल सकता है।