चीन की चाल से पस्त हुआ अमेरिका, घर में घुसकर चुरा ली संवेदनशील जानकारी, गूगल के AI टूल को बनाया हथियार

China-US Relations: अमेरिका ने Google के पूर्व इंजीनियर लिनवेई डिंग को AI ट्रेड सीक्रेट चुराकर चीन भेजने का दोषी पाया। वह सात आर्थिक जासूसी और सात चोरी के मामलों में दोषी है।
US China AI Race
चीन के लिए AI सीक्रेट चुरा रहा था Google का इंजीनियर (सोर्स- सोशल मीडिया)
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US China AI Race: अमेरिका में चीन के लिए जासूसी करने का एक नया मामला सामने आया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने 29 जनवरी, 2026 को बताया कि Google के पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर लिनवेई डिंग को एआई (AI) से जुड़ी गोपनीय जानकारी चुराकर चीन भेजने के लिए दोषी ठहराया गया है। जांच में पाया गया कि डिंग चीन की दो कंपनियों के लिए गुप्त रूप से काम कर रहा था। Google में शामिल होने के बाद उसने कंपनी के AI ट्रेड सीक्रेट चुराए और उन्हें चीन भेजा।

38 वर्षीय डिंग पर सात आर्थिक जासूसी और सात ट्रेड सीक्रेट चोरी के मामले लगे हैं। सुनवाई 11 दिन चली। हर आर्थिक जासूसी मामले में अधिकतम 15 साल की जेल और $5 मिलियन का जुर्माना हो सकता है। वहीं, ट्रेड सीक्रेट चोरी के मामलों में अधिकतम 10 साल की जेल और $250,000 का जुर्माना हो सकता है।

चीनी जासूस ने चुराई संवेदनशील जानकारी

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, डिंग को पहले मार्च 2024 में चार ट्रेड सीक्रेट चोरी के मामलों में दोषी ठहराया गया था। फरवरी में एक सुपरसीडिंग अभियोग के जरिए आरोप बढ़ाए गए। डिंग के मामले का संचालन बाइडेन प्रशासन द्वारा 2023 में स्थापित इंटरएजेंसी डिसरप्टिव टेक्नोलॉजी स्ट्राइक फोर्स के माध्यम से किया गया। अभियोजकों ने बताया कि डिंग ने Google के सुपरकंप्यूटिंग डेटा सेंटर्स के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म की संवेदनशील जानकारी चुराई। यह प्लेटफॉर्म बड़े AI मॉडल को प्रशिक्षण देने में अहम है। कथित तौर पर चुराए गए कुछ चिप ब्लूप्रिंट का मकसद Google को क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में Amazon और Microsoft जैसी कंपनियों पर बढ़त दिलाना था और Nvidia के चिप्स पर निर्भरता कम करना था।

डिंग ने 2019 में जॉइन किया था Google

डिंग मई 2019 में Google में शामिल हुआ और तीन साल बाद चोरी शुरू की। अभियोजकों के अनुसार वह चीन की एक नई टेक कंपनी में शामिल होने के लिए प्रेरित था। Google पर किसी तरह का आरोप नहीं लगाया गया और कंपनी ने कानून प्रवर्तन के साथ सहयोग किया। रॉयटर्स ने बताया कि कंपनी ने अभी तक टिप्पणी का जवाब नहीं दिया।

यह मामला अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी खुफिया सुरक्षा और व्यापार रहस्यों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं को उजागर करता है। अमेरिका में टेक कंपनियों की संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा अब पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

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