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Bangladesh Elections: महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में भारी गिरावट, सिर्फ 4% महिला उम्मीदवार
- Written By: प्रिया सिंह
Bangladesh Politics: बांग्लादेश के 12 फरवरी चुनाव में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी केवल 4% रह गई है। यूनुस सरकार और राजनीतिक दल महिलाओं को समान अवसर देने में विफल रहे हैं जिससे संकट गहरा गया है।

बांग्लादेश में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में भारी गिरावट (सोर्स-सोशल मीडिया)
Women political participation Bangladesh: मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को संस्थागत रूप से सुरक्षित करने में विफल रही है। 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों में सामान्य सीटों पर महिला उम्मीदवारों की हिस्सेदारी घटकर मात्र चार प्रतिशत रह गई है। सुधारवादी एजेंडा होने के बावजूद सरकार और राजनीतिक दलों ने महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया से बाहर रखा है। शासन और सेवा वितरण में सक्रिय रहने के बावजूद, महिलाओं को प्रतिस्पर्धी राजनीतिक सत्ता से व्यवस्थित रूप से दूर रखा जा रहा है।
अंतरिम सरकार की विफलता
माइक्रोफाइनेंस पहल के माध्यम से वैश्विक पहचान बनाने वाले मोहम्मद यूनुस की सरकार महिलाओं को राजनीति में स्थान दिलाने में नाकाम रही है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अंतरिम सरकार महिलाओं की राजनीतिक उपस्थिति को विस्तारित करने के लिए कोई ठोस हस्तक्षेप नहीं कर पाई है। इस निष्क्रियता के कारण बांग्लादेश में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और पीछे जाने का बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है क्योंकि राजनीतिक दल उन्हें सीमित कर रहे हैं।
चुनावों में निराशाजनक आंकड़े
12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव के लिए नामांकन वापसी के बाद चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। दो निर्वाचन क्षेत्रों को छोड़कर सामान्य सीटों पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों में महिलाओं की संख्या सिर्फ चार प्रतिशत से थोड़ी अधिक है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि पंजीकृत 30 राजनीतिक दलों ने एक भी महिला उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारा है जिससे प्रतिनिधित्व का संकट बढ़ा है।
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संरचनात्मक विभाजन की समस्या
रिपोर्ट के अनुसार, यह समस्या उम्मीदवारों की कमी की नहीं बल्कि राजनीति में एक गहरे संरचनात्मक विभाजन की है। महिलाओं को विकास कार्यों और पेशेवर सेवाओं के लिए तो तैयार किया गया है, लेकिन शासन के लिए उन्हें राजनीतिक रूप से तैयार नहीं किया गया। यह दर्शाता है कि बांग्लादेशी राजनीति में महिलाओं को व्यवस्थित रूप से सत्ता के केंद्रों से बाहर रखने का प्रयास जारी है और उन्हें नेतृत्व से वंचित रखा जा रहा है।
राजनीतिक दलों की वादाखिलाफी
राष्ट्रीय सहमति आयोग ने सिफारिश की थी कि प्रत्येक राजनीतिक दल कम से कम पांच प्रतिशत महिला उम्मीदवार उतारे, लेकिन इसका पालन नहीं हुआ। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी ने केवल 3.5 प्रतिशत महिला उम्मीदवार नामित किए, जबकि जमात-ए-इस्लामी ने एक भी महिला को टिकट नहीं दिया। कुछ छोटे दलों ने शुरुआत में महिलाओं को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन बाद में उनके नाम वापस ले लिए गए जिससे संख्या कम हो गई।
यह भी पढ़ें: Bangladesh चुनाव और धर्म का राजनीतिकरण, क्या कट्टरपंथ की राह पर है पड़ोसी देश?
महिला कार्यकर्ताओं की चिंता
पूर्व महिला मामलों की सुधार आयुक्तों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने राजनीतिक दलों के इस अड़ियल रवैये की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि दलों ने अपने वादों का सम्मान नहीं किया और जानबूझकर महिलाओं की भागीदारी को बहुत सीमित कर दिया है। यह स्थिति लंबे समय से चल रहे सुधार प्रयासों के बावजूद बांग्लादेशी चुनावों में महिलाओं के लगातार कम होते प्रतिनिधित्व को स्पष्ट रूप से उजागर करती है।
Bangladesh elections female political exclusion interim government challenges
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