- Hindi News »
- World »
- Uae Leaves Opec Impact On Global Oil Market And India Explained
OPEC से 59 साल बाद अलग हो रहा UAE, सऊदी से तनाव या उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी, इन 6 सवालों से समझें पूरा गणित
UAE Leaves OPEC: UAE ने 59 साल बाद OPEC से अलग होने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। ईरान संकट और $100 के पार कच्चे तेल के बीच इस कदम का भारत और वैश्विक बाजार पर क्या असर होगा? जानिए पूरी रिपोर्ट।
- Written By: अक्षय साहू

UAE ने OPEC और OPEC+ छोड़ने का ऐलान किया (सोर्स- सोशल मीडिया)
UAE Leaves From OPEC and OPEC+: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 28 अप्रैल 2026 को कच्चे तेल का उत्पादन करने वाले देशों के संगठन OPEC और उसके सहयोगी समूह OPEC+ से अलग होने का ऐलान किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान से जुड़े तनाव और वैश्विक परिस्थितियों के कारण ऊर्जा संकट गहराता दिख रहा है। UAE के इस कदम से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हलचल बढ़ने और OPEC की एकजुटता पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
करीब 59 साल बाद UAE का इस समूह से अलग होने का फैसला वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है। इससे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, सप्लाई चेन में बदलाव और अन्य तेल उत्पादक देशों की रणनीतियों पर असर पड़ सकता है। अब सवाल यह है कि आखिर किन कारणों से UAE ने यह बड़ा कदम उठाया और इसके दूरगामी परिणाम क्या होंगे।
OPEC क्या है और इसका काम क्या है?
OPEC यानी ऑर्गनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज की स्थापना 1960 में हुई थी। इसके संस्थापक देशों में ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब और वेनेजुएला शामिल थे। बाद में UAE 1967 में इसका हिस्सा बना।
सम्बंधित ख़बरें
एम्स दिल्ली छोड़कर क्यों जा रहे हैं डॉक्टर? भारत के सबसे बड़े अस्पताल में किस खेल का शिकार हो रहे मरीज
Cyber Attack: दुनिया भर के 9000 विश्वविद्यालयों पर साइबर हमला, शाइनीहंटर्स ने मांगी बिटकॉइन फिरौती
Miami Boat Explosion: अमेरिका के मियामी बोट धमाके में 11 लोग घायल, गैस लीक से हुआ बड़ा हादसा
जल्द खत्म होगी US Iran जंग! ट्रंप के एक इशारे से जंग रुकने की चर्चा तेज, मिडिल ईस्ट में बड़ी राहत
OPEC का उद्देश्य सदस्य देशों की तेल नीतियों को समन्वित करना है ताकि कीमतों को स्थिर रखा जा सके और उत्पादन को नियंत्रित किया जा सके। यह संगठन वैश्विक तेल उत्पादन का लगभग 30% नियंत्रित करता है। 2016 में OPEC+ बना, जिसमें रूस और अन्य गैर-OPEC देश शामिल हुए, जिससे यह प्रभाव लगभग 40% तक पहुंच गया।
UAE ने OPEC से अलग होने का फैसला क्यों किया?
UAE ने कहा है कि यह फैसला उसके राष्ट्रीय हितों और दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति के तहत लिया गया है। देश अब अपनी ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने और वैश्विक बाजार में अधिक स्वतंत्र भूमिका निभाने पर ध्यान देना चाहता है।
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब ईरान युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में तनाव है, जो दुनिया के तेल व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। UAE ने क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को लेकर खाड़ी देशों के रुख पर भी असंतोष जताया है।
क्या OPEC बिखर रहा है?
UAE का बाहर निकलना संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी तरह से बिखराव नहीं है। UAE OPEC के प्रमुख उत्पादकों में से एक था और इसके जाने से उत्पादन क्षमता पर असर पड़ सकता है।
हालांकि इतिहास में कई देश पहले भी OPEC छोड़ चुके हैं, लेकिन UAE जैसे बड़े खिलाड़ी का जाना संगठन की एकता और सऊदी नेतृत्व पर सवाल जरूर खड़े करता है। अगर आगे और देश भी इसी राह पर चलते हैं, तो OPEC का प्रभाव कमजोर हो सकता है।
UAE के जाने किसे नुकसान और किसे फायदा होगा?
OPEC और खासकर सऊदी अरब को उत्पादन नियंत्रण में कठिनाई हो सकती है। तेल की कीमतों में अस्थिरता बढ़ सकती है, जिससे उनकी आय प्रभावित होगी। वहीं, UAE के स्वतंत्र होने से वैश्विक तेल आपूर्ति बढ़ सकती है, जिससे कीमतों में गिरावट संभव है। मौजूदा समय में ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चल रहा है। इस स्थिति का सबसे बड़ा फायदा उन देशों को मिल सकता है जो तेल आयात पर निर्भर हैं, जैसे भारत, जहां 80% से अधिक तेल आयात किया जाता है।
यह भी पढ़ें- खुद को अमर बनाना चाहते हैं ट्रंप…डॉलर पर सिग्नेचर के बाद उठाया एक और बड़ा कदम, पासपोर्ट पर भी होगी फोटो
UAE की ‘विजन 2031’ और तेल उत्पादन क्षमता
UAE अब केवल तेल बेचने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह अपनी उत्पादन क्षमता को 50 लाख बैरल प्रति दिन तक बढ़ाने के लिए अरबों डॉलर का निवेश कर रहा है। OPEC में बने रहने का मतलब उत्पादन कटौती के नियमों का पालन करना था, जिससे उसके निवेश पर रिटर्न धीमा पड़ रहा था। ऐसे में अपनी बड़ी निवेश योजनाओं को सफल बनाने के लिए UAE को अधिक स्वतंत्रता की जरूरत महसूस हुई।
UAE के OPEC छोड़ने का भारत पर क्या असर होगा?
UAE के OPEC से अलग होने का भारत पर सीधा असर पड़ सकता है, क्योंकि भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। सबसे पहले, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। OPEC आमतौर पर उत्पादन को नियंत्रित कर कीमतों को संतुलित रखने की कोशिश करता है, लेकिन UAE के अलग होने से यह संतुलन कमजोर पड़ सकता है। इससे भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अस्थिरता बढ़ने की संभावना है।
यह भी पढ़ें- Iran Peace Deal: समझौते पर फंसा पेच, ईरान ने प्रस्ताव के लिए मांगा समय, ट्रंप का कड़ा रुख
साथ ही, सप्लाई के मोर्चे पर भी असर दिख सकता है। UAE भारत का एक प्रमुख तेल सप्लायर है। अगर वह OPEC की पाबंदियों से बाहर आकर उत्पादन बढ़ाता है, तो भारत को अधिक तेल और बेहतर कीमत मिल सकती है। लेकिन अगर उत्पादन कम होता है या निर्यात नीति बदलती है, तो सप्लाई पर दबाव भी बन सकता है।
भारत को सीधे मिल सकता है फायदा
इस फैसले से भारत के लिए कुछ अवसर भी पैदा हो सकते हैं। UAE अब द्विपक्षीय समझौतों पर ज्यादा ध्यान दे सकता है, जिससे भारत को सीधे और लचीले शर्तों पर तेल खरीदने का मौका मिल सकता है। इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा UAE पर ईरान और रूस की तरह अमेरिकी प्रतिबंध भी नहीं है। ऐसे में भारत UAE से तेल आयात की मात्रा को बढ़ाकर अपनी जरूरत को असानी से पूरा कर सकता है। हालांकि भारत को इस बात पर ध्यान देना होगा कि OPEC से अलग होने के बाद UAE तेल व्यापार को लेकर कैसी नीति अपनाता है। कुल मिलाकर, यह कदम भारत के लिए चुनौती और अवसर दोनों लेकर आ सकता है, जिसका असर लंबे समय तक दिख सकता है।
Uae leaves opec impact on global oil market and india explained
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
थलापति की ‘टीम-9’: विजय की नई सरकार में शामिल हुए ये चौंकाने वाले चेहरे, देखें पूरी प्रोफाइल
May 10, 2026 | 12:11 PMजब शपथ ग्रहण के बीच अचानक भाषण देने लगे थलपति विजय, राज्यपाल ने बीच में टोका, फिर क्या हुआ?
May 10, 2026 | 12:02 PMअसम में दूसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे हिमंत बिस्वा सरमा, 12 मई को लेंगे सीएम पद की शपथ, पीएम मोदी होंगे शामिल
May 10, 2026 | 12:01 PMअशोक खरात मामले में फंसे सरकार के 4 मंत्री; नाना पटोले के बड़े खुलासे से महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल
May 10, 2026 | 12:00 PMठाणे में अतिरिक्त शिक्षकों को मिलेगी राहत, विधायक केलकर ने वेतन और समायोजन का उठाया मुद्दा
May 10, 2026 | 11:59 AMBhopal News: MBBS छात्रा के बाद अब मकान मालिक ने की आत्महत्या; पत्नी ने पुलिस और परिजनों पर लगाए गंभीर आरोप
May 10, 2026 | 11:56 AMदेश का सब कुछ बेच रही है भाजपा… डिंपल यादव का मोदी सरकार के निजीकरण और महिला सुरक्षा पर जोरदार हमला
May 10, 2026 | 11:56 AMवीडियो गैलरी

ट्रंप को कोर्ट से तगड़ा झटका! 10% नए टैरिफ को बताया गैरकानूनी, क्या भारत के लिए अब खुलेगा फायदे का रास्ता?
May 09, 2026 | 08:22 PM
समंदर के बीच नागपट्टिनम-कंकसंथुराई फेरी का इंजन फेल, 144 यात्रियों की अटकी सांसे; मछुआरों ने ऐसे किया रेस्क्यू
May 09, 2026 | 07:56 PM
जिस बुजुर्ग के पीएम मोदी ने पैर छुए, वो कौन हैं? जानें माखनलाल सरकार के बारे में सब कुछ- VIDEO
May 09, 2026 | 04:18 PM
वो व्हाट्सएप मैसेज… बगावत से राजतिलक तक की पूरी कहानी! कैसे ममता के ‘खास’ बने उनके सबसे बड़े दुश्मन?
May 09, 2026 | 03:39 PM
Bengal CM Oath: सुवेंदु अधिकारी बने CM, शंखनाद कर कर दिया बड़ा ऐलान! देखें वीडियो
May 09, 2026 | 03:29 PM
Suvendu Adhikari Post: शपथ से पहले सुवेंदु अधिकारी ने पोस्ट में बताया आजीवन अविवाहित रहने की वजह, देखें VIDEO
May 09, 2026 | 01:38 PM














