

Turkey earthquake 2025: तुर्की दो साल बाद फिर से भूकंप की समस्या का सामना कर रहा है। देश के कई क्षेत्रों में लगातार झटके महसूस किए जा रहे हैं। पिछले 48 घंटों में यहां कुल 879 छोटे और बड़े भूकंप आए, यानी औसतन हर घंटे लगभग 18 झटके।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, बालिकेसिर प्रांत में रविवार (10 अगस्त) को सबसे पहला झटका आया, जिसकी तीव्रता 6.6 मापी गई। इसके बाद कुल 879 झटके दर्ज किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, इन झटकों में से 120 झटके 3-4 की तीव्रता वाले थे, जबकि 17 झटके 4-5 की तीव्रता वाले थे। भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 11 किमी नीचे था, और अधिकांश झटके 3 से कम तीव्रता वाले थे।
हाल ही में आए भूकंप से 68 गांवों की 16 इमारतें ढह गईं। सरकार ने इन इमारतों के निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। तुर्की के गृह मंत्रालय ने लोगों से भयभीत न होने और सतर्क रहने की अपील कर रहा है। सरकार ने भूकंप से अब तक केवल एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि की है इसके साथ ही उन्होंने बताया है कि अन्य किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
तुर्की में भूकंप बार-बार आने के दो मुख्य कारण हैं। पहला कारण यह है कि तुर्की तीन प्रमुख भौगोलिक प्लेटों अनातोलियन प्लेट, यूरोशियन प्लेट और अरेबियन प्लेट पर स्थित है। इन प्लेटों में किसी भी प्रकार का खिसकाव या टकराव होने पर भूकंप के झटके महसूस होते हैं।
दूसरा कारण यह है कि तुर्की में वर्तमान में दो सक्रिय भूकंपीय फॉल्ट लाइनें हैं। पहली नॉर्थ अनातोलियन फॉल्ट और दूसरी ईस्ट अनातोलियन फॉल्ट। इन फॉल्ट लाइनों की गतिविधियों के कारण भी तुर्की में बार-बार भूकंप आते हैं।
तुर्की में पिछले 85 सालों में कुल 13 बड़े भूकंप आए हैं, जिनकी वजह से लगभग 1.20 लाख लोगों की मौत हुई है। सबसे पहला बड़ा भूकंप 1939 में आया था, जिसमें आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 33 हजार लोग मारे गए थे। 2023 में हुए भूकंप ने सबसे अधिक तबाही मचाई, जिसमें लगभग 50 हजार लोगों की जान चली गई। उस भूकंप को हुए दो साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद भी लाखों लोग अपने घरों से बेघर हैं। इस भयावह आपदा के बाद बाद तुर्की सरकार ने भवन निर्माण पर विशेष ध्यान देना शुरू किया।