- Hindi News »
- World »
- Trump Us Supreme Court Visit Birthright Citizenship Case News
Explainer: US के इतिहास में पहली बार SC की सुनवाई सुनने पहुंचे राष्ट्रपति; जानें इसके पीछे की बड़ी वजह
Why Donald Trump Visited Supreme Court: राष्ट्रपति ट्रंप सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में शामिल होने वाले पहले पदस्थ अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए हैं। जानिए आखिर ऐसा क्यों हुआ?
- Written By: अमन उपाध्याय

राष्ट्रपति ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Donald Trump Supreme Court Visit: अमेरिका के राजनीतिक और न्यायिक इतिहास में बुधवार को एक अभूतपूर्व घटना घटी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सुबह 10 बजे (अमेरिकी समयानुसार) वॉशिंगटन स्थित सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। वे वहां किसी समारोह के लिए नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण मामले में वकीलों की मौखिक दलीलें सुनने के लिए गए थे। इसके साथ ही ट्रंप अमेरिका के पहले ऐसे ‘हेड ऑफ द स्टेट’ बन गए हैं जिन्होंने पद पर रहते हुए अदालत कक्ष में बैठकर सुनवाई में शिरकत की है।
अदालत की पहली कतार में बैठे ट्रंप
राष्ट्रपति Trump सुप्रीम कोर्ट में आम जनता के लिए निर्धारित क्षेत्र की पहली कतार में बैठे नजर आए। हालांकि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही जनता के लिए खुली रहती है लेकिन एक मौजूदा राष्ट्रपति की वहां उपस्थिति को लेकर बहस छिड़ गई है। कई कानूनी संगठनों और विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति का इस तरह अदालत पहुंचना न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है। गौरतलब है कि अमेरिकी संविधान में सुप्रीम कोर्ट को व्हाइट हाउस की शक्तियों पर एक स्वतंत्र नियंत्रण के तौर पर डिजाइन किया गया है।
क्या है ‘बारबरा बनाम ट्रंप’ मामला?
ट्रंप जिस केस की सुनवाई सुनने पहुंचे थे वह ‘बारबरा बनाम ट्रंप’ के नाम से जाना जाता है। यह मामला अमेरिका में जन्मजात नागरिकता के अधिकार से जुड़ा है। ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ही दिन एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे जिसका उद्देश्य उन बच्चों को अमेरिका की नागरिकता देने से रोकना था जिनके माता-पिता देश में अवैध रूप से या अस्थायी तौर पर रह रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
12 बार जीत का दावा, फिर भी मांगे 3 हफ्ते; ट्रंप के 21 दिनों के नए प्लान ने दुनिया में मचाई खलबली
UN शांति सेना में छाया पाकिस्तानी महिला मेजर का जलवा; साइप्रस से विदाई पर क्यों हो रही आयशा खान की चर्चा?
ट्रंप की 100% टैरिफ की धमकी से भारतीय फार्मा सेक्टर में हड़कंप, सन फार्मा और सिपला के शेयर धड़ाम
‘विनाशकारी हमलों के लिए तैयार रहे इजरायल-अमेरिका’, पूर्व मंत्री पर हमले के बाद ईरानी सेना ने दी बड़ी चेतावनी
यह आदेश फिलहाल लागू नहीं हो पाया है क्योंकि कई निचली अदालतों ने इसे असंवैधानिक करार देते हुए इस पर रोक लगा दी थी। अब यह मामला देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट के पास है। अमेरिका में 1868 के 14वें संशोधन के बाद से यह कानून है कि वहां जन्म लेने वाला कोई भी व्यक्ति स्वतः नागरिक बन जाता है लेकिन ट्रंप प्रशासन इसे शर्तों के साथ लागू करना चाहता है।
सुप्रीम कोर्ट और Trump का क्या है पुराना नाता?
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने खुद वहां जाने की योजना इसलिए बनाई क्योंकि वे लंबे समय से इस केस के बारे में सुनते आ रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप की नीतियां सुप्रीम कोर्ट की कसौटी पर कसी जा रही हैं। अकेले 2025 में ही अदालत ने उनके प्रशासन से जुड़े लगभग दो दर्जन आपातकालीन मामलों पर विचार किया था।
हालांकि अधिकांश फैसलों में अदालत ने ट्रंप का साथ दिया लेकिन ‘टैरिफ’ लगाने के मुद्दे पर कोर्ट ने उनके खिलाफ फैसला सुनाते हुए उनके अधिकारों को गलत माना था।
यह भी पढ़ें:- ट्रंप की 100% टैरिफ की धमकी से भारतीय फार्मा सेक्टर में हड़कंप, सन फार्मा और सिपला के शेयर धड़ाम
इतिहास पर नजर डालें तो कम से कम आठ अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने अपने वकील के करियर के दौरान सुप्रीम कोर्ट में बहस की है लेकिन किसी भी पदस्थ राष्ट्रपति ने केवल सुनवाई सुनने के लिए व्हाइट हाउस से अदालत तक का सफर तय नहीं किया था।
Trump us supreme court visit birthright citizenship case news
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
IPL 2026 के बीच क्रिकेट जगत में हलचल, साउथ अफ्रीका के खिलाड़ी ने किया इंटरनेशनल रिटायरमेंट का ऐलान
Apr 02, 2026 | 05:14 PMChiplun Murder: आम के बाग में मिली जली हुई हड्डियों का राज फाश, मुंबई से प्रेमी-प्रेमिका गिरफ्तार
Apr 02, 2026 | 05:11 PMहनी सिंह-बादशाह को बड़ा झटका, दिल्ली HC ने ‘Volume 1’ गाना को बताया अश्लील, तुरंत हटाने का दिया आदेश
Apr 02, 2026 | 05:07 PMShare Market: गिरावट के बाद जोरदार कमबैक! लो लेवल से 1,800 अंक सुधरा सेंसेक्स, निवेशकों की लौटी रौनक
Apr 02, 2026 | 05:07 PMMuslim Reservation रद्द करने पर बवाल, बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से मांगा जवाब, जानें क्या है मामला
Apr 02, 2026 | 05:01 PMKalpana Kharat: विदेश भागने की फिराक में अशोक खरात की पत्नी, पुलिस ने जारी किया लुकआउट नोटिस
Apr 02, 2026 | 04:54 PMअजय देवगन के 57वें बर्थडे पर फैंस का सैलाब, ‘शिवशक्ति’ के बाहर दिखा जबरदस्त क्रेज, वीडियो आया सामने
Apr 02, 2026 | 04:49 PMवीडियो गैलरी

‘मुसलमानों के खिलाफ…’, मदरसा बोर्ड बंद होने पर शहाबुद्दीन रजवी ने CM पुष्कर सिंह धामी पर साधा निशाना
Apr 01, 2026 | 10:51 PM
बिहार के Nalanda में महिला को बीच सड़क पर नोचते रहे मनचले, कपड़े फाड़कर घसीटा
Apr 01, 2026 | 10:36 PM
हत्या के 9 महीने बाद लौटे राजा रघुवंशी, घर में गूंजी बच्चे की किलकारी
Apr 01, 2026 | 10:23 PM
क्या इजरायली जेलों में कैदियों को दिए जा रहे बिजली के झटके? वायरल वीडियो और नए कानून ने दुनिया को चौंकाया
Apr 01, 2026 | 10:03 PM
लखनऊ में ‘वर्दी वाली गुंडागर्दी’? परिवार के सामने युवक को घसीटकर ले गई पुलिस, रोता रहा बच्चा, नहीं बताया कारण
Apr 01, 2026 | 09:58 PM
हाई-स्पीड सफर में सेहत से खिलवाड़! वंदे भारत के खाने पर भड़कीं महिला यात्री, IRCTC ने जांच के बाद दी सफाई
Apr 01, 2026 | 09:53 PM














