ट्रंप ने अचानक बदली चाल! अंधेरे में डूबे क्यूबा के लिए 'मसीहा' बना रूस; 1 लाख मीट्रिक टन तेल लेकर पहुंचा टैंकर

Russia Oil Tanker Cuba: भीषण ऊर्जा संकट से जूझ रहे क्यूबा में 1 लाख मीट्रिक टन रूसी तेल लेकर एक टैंकर पहुंचा है। ट्रंप द्वारा तेल आपूर्ति पर लगी रोक हटाने के बाद इस कैरेबियाई देश को बड़ी राहत मिली है।
Trump Suddenly Changes Course! Russia Becomes the 'Savior' for a Cuba Plunged into Darkness; Tanker Arrives Carrying 100,000 Metric Tons of Oil.
डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Russia Sends Oil To Cuba Crisis: कैरेबियाई देश क्यूबा के लिए राहत की एक बड़ी खबर सामने आई है। पिछले तीन महीनों से भीषण ऊर्जा किल्लत और अंधेरे में डूबे इस देश को आखिरकार रूसी मदद मिल गई है। रूस का एक विशाल तेल टैंकर 'अनातोली कोलोडकिन' एक लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर क्यूबा के मातान्जास बंदरगाह पर पहुंच गया है। रूसी परिवहन मंत्रालय ने इस सफल शिपमेंट की पुष्टि की है और वर्तमान में जहाज से तेल उतारने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

ट्रंप की नीतियों ने बढ़ाया था संकट

क्यूबा में पिछले तीन महीनों से एक भी तेल का जहाज नहीं पहुंचा था जिसके पीछे मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक नीतियां थीं। जनवरी में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने की कोशिशों के बाद, वेनेजुएला से क्यूबा को होने वाली तेल की नियमित आपूर्ति पूरी तरह बंद करवा दी गई थी। इसके साथ ही ट्रंप प्रशासन ने उन सभी देशों पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी जो क्यूबा की मदद करेंगे। इस अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण क्यूबा को तेल निर्यात करने वाले मेक्सिको जैसे बड़े देशों ने भी अपने हाथ पीछे खींच लिए थे।

जनजीवन पर पड़ा गंभीर असर

इस ऊर्जा संकट का प्रभाव क्यूबा की 10 करोड़ की आबादी पर बेहद दर्दनाक रहा है। पूरे देश में लंबे समय तक बिजली कटौती जारी रही और पेट्रोल की बिक्री पर कड़ी राशनिंग लागू करनी पड़ी। सबसे संवेदनशील स्थिति स्वास्थ्य क्षेत्र में देखी गई जहां बिजली न होने के कारण कैंसर के मरीजों का इलाज प्रभावित हुआ। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस संकट का सबसे बुरा प्रभाव कैंसर से जूझ रहे निर्दोष बच्चों पर पड़ा है।

डोनाल्ड ट्रंप का अचानक यू-टर्न

राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा राष्ट्रपति ट्रंप के रुख में आए अचानक बदलाव की है। कुछ समय पहले तक ट्रंप क्यूबा को 'आजाद कराने' या उस पर 'कब्जा करने' की बात कर रहे थे। लेकिन रविवार को उन्होंने अचानक घोषणा की कि उन्हें किसी भी देश द्वारा क्यूबा को तेल भेजने पर कोई आपत्ति नहीं है। ट्रंप की इस नरमी के तुरंत बाद रूसी जहाज क्यूबा की ओर बढ़ता देखा गया जिससे यह स्पष्ट होता है कि वाशिंगटन ने फिलहाल अपने रुख को लचीला बनाया है।

भविष्य की उम्मीदें

क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कानेल ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की जर्जर स्थिति को लेकर चिंता जताई थी। अब रूसी तेल के पहुंचने से देश में ठप पड़ी बिजली व्यवस्था और परिवहन सेवाओं के फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद है। हालांकि, यह देखना बाकी होगा कि क्या अमेरिका की यह नरमी स्थायी है या यह केवल एक अस्थायी मानवीय कदम है।

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