डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Trump Iran Attack Plan: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उसे कूटनीतिक समाधान के लिए महज 10 दिनों का समय दिया है। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की उद्घाटन बैठक के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया कि यदि ईरान के साथ चल रही बातचीत सफल नहीं होती है तो अमेरिका क्षेत्र की स्थिरता बनाए रखने के लिए ‘कड़ा कदम’ उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगले लगभग 10 दिनों के भीतर यह पूरी तरह साफ हो जाएगा कि ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई होगी या नहीं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ईरान को समझौता करना होगा, वरना गंभीर परिणाम होंगे।
ट्रंप का मानना है कि ईरान पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में नहीं डाल सकता और अगर उसने ठोस समझौता नहीं किया तो ‘बुरी चीजें’ होंगी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में ओमान की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत फिर से शुरू हुई है।
ईरान को चेतावनी देने के साथ ही ट्रंप ने गाजा के लिए दुनिया के अब तक के सबसे बड़े राहत पैकेज में से एक की घोषणा की। उन्होंने बताया कि कई देशों ने मिलकर 7 अरब डॉलर से अधिक की मदद जुटाई है। इसमें शामिल होने वाले प्रमुख देशों में यूएई, सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, बहरीन, कुवैत, अजरबैजान, उज्बेकिस्तान और कजाखस्तान शामिल हैं। इसके अलावा, अमेरिका खुद 10 अरब डॉलर का योगदान देगा जिससे कुल राशि 17 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगी।
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बैठक में ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र (UN) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। हालांकि उन्होंने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र का समर्थन करते हैं लेकिन उनके अनुसार यह संस्था अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रही है। बैठक में करीब 50 देशों और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि शामिल हुए।विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया ‘बोर्ड ऑफ पीस’ भविष्य में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की भूमिका को चुनौती दे सकता है। इस महत्वपूर्ण बैठक में ट्रंप के साथ उनके दामाद जेरेड कुशनर, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, माइक वॉल्ट्ज और स्टीव विटकॉफ जैसे शीर्ष अधिकारी भी मौजूद थे।