लश्कर-ए-तैयबा महिलाओं के लिए खोल रहा ट्रेनिंग सेंटर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Pakistan News In Hindi: पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की एक बड़ी और खतरनाक तैयारी का खुलासा हुआ है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, यह आतंकी संगठन अब महिलाओं को आतंकी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल करने के लिए दो नए ट्रेनिंग सेंटर बनाने जा रहा है। इन सेंटरों को ‘मरकज’ के रूप में विकसित किया जाएगा जहां महिलाओं को संगठन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इस खुलासे के बाद भारत में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं।
यह कदम लश्कर-ए-तैयबा की पारंपरिक रणनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। अब तक यह संगठन अपनी महिला विंग का उपयोग केवल राजनीतिक लामबंदी और सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार के लिए करता रहा है। लेकिन अब, महिला विंग की प्रमुख इफ्फत सईद की हालिया टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि महिलाओं को ‘ओवर ग्राउंड वर्कर’ (OGW) जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में शामिल किया जा सकता है।
OGW नेटवर्क के लोग सीधे तौर पर हथियारों के साथ हमलों में शामिल नहीं होते लेकिन वे आतंकी संगठनों के लिए ‘रीढ़ की हड्डी’ का काम करते हैं। वे जमीन पर सहयोग देना, खुफिया जानकारी इकट्ठा करना, सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराना और रसद पहुंचाने जैसे काम करते हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं को इस नेटवर्क में शामिल करना लश्कर के रणनीतिक विस्तार का हिस्सा है क्योंकि उन पर सुरक्षा बलों को जल्दी शक नहीं होता।
लश्कर-ए-तैयबा की इस नई रणनीति ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है और उन्हें अलर्ट मोड पर ला दिया है। खासकर जम्मू-कश्मीर और सीमावर्ती क्षेत्रों में महिला ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) नेटवर्क के जरिए घुसपैठ, लॉजिस्टिक सपोर्ट और संवेदनशील सूचनाओं के लीक होने का खतरा और गंभीर माना जा रहा है।
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एजेंसियों को आशंका है कि इस तरह के नेटवर्क का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को परोक्ष रूप से सहयोग देने, सुरक्षा बलों की मूवमेंट पर नजर रखने और स्थानीय स्तर पर मदद जुटाने के लिए किया जा सकता है। इसी के मद्देनज़र खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध ट्रेनिंग सेंटरों, उनसे जुड़े लोगों और उनकी गतिविधियों पर पैनी निगाह रख रही हैं।