
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-सोशल मीडिया)
Trump foreign policy impact: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल का पहला साल वैश्विक राजनीति में किसी बड़े भूचाल से कम नहीं रहा है। उनके आक्रामक फैसलों ने न केवल पुराने अंतरराष्ट्रीय समीकरणों को बदला है, बल्कि दुनिया को एक नए औपनिवेशिक युग की आहट भी दे दी है। वेनेजुएला में सैन्य तख्तापलट से लेकर गाजा में खुद को ‘शांति बोर्ड’ का अध्यक्ष घोषित करने तक, ट्रंप की नीतियां आधुनिक साम्राज्यवाद की याद दिलाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का ‘अमेरिका फर्स्ट’ का नारा अब दुनिया के संसाधनों पर सीधे कब्जे की रणनीति में बदल चुका है।
फरवरी 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा पर अमेरिकी कब्जे की बात कहकर पूरी दुनिया को चौंका दिया था, जिसकी संयुक्त राष्ट्र ने “जातीय सफाए” के रूप में निंदा की। हालांकि बाद में उन्होंने एक ऐसी योजना पेश की जिसमें गाजा को एक विशेष “शांति बोर्ड” द्वारा चलाया जाएगा, जिसकी कमान खुद ट्रंप के हाथों में होगी। इस योजना को कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने शांति के मुखौटे में छिपा हुआ साम्राज्यवाद करार दिया है।
जनवरी की शुरुआत में ट्रंप ने वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई कर निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करवाया और उन्हें न्यूयॉर्क की जेल में डाल दिया। इसके तुरंत बाद उन्होंने घोषणा की कि अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों का प्रबंधन करेंगी, जिससे उनकी मंशा पर सवाल उठने लगे। मानवाधिकार संगठनों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है क्योंकि वहां अब अमेरिकी निगरानी में सरकार चल रही है।
ट्रंप ने ग्रीनलैंड को खरीदने या सैन्य ताकत से हथियाने की अपनी पुरानी जिद को फिर से हवा दी है, जबकि डेनमार्क ने इसे बार-बार खारिज किया है। ग्रीनलैंड को रूस और चीन के खिलाफ रणनीतिक रक्षा कवच बताते हुए ट्रंप ने नाटो सहयोगी देश के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया है। यह व्यवहार 19वीं सदी की उस औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है जहां ताकतवर देश छोटे राष्ट्रों की संप्रभुता का सम्मान नहीं करते थे।
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ट्रंप की आर्थिक नीतियों को विशेषज्ञ एक नई “ईस्ट इंडिया कंपनी” के उदय के रूप में देख रहे हैं, जहां व्यापारिक लाभ के लिए संप्रभु देशों का नियंत्रण लिया जा रहा है। कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की धमकी देना इसी विस्तारवादी सोच का एक हिस्सा माना जाता है। उनकी इस कार्यशैली ने अमेरिका को नियमों पर चलने वाले देश के बजाय एक अनिश्चित और हिंसक शक्ति के रूप में पेश किया है।






