ट्रंप ने पीएम मोदी के बाद पुतिन को भेजा न्योता, ‘बोर्ड ऑफ पीस’ से क्या सुलझेगा सालों पुराना संघर्ष?
Trump Putin News: डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में शांति और पुनर्निर्माण के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' का गठन किया है। इसमें रूसी राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी सहित कई वैश्विक नेताओं को आमंत्रित किया गया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रम्प, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Donald Trump Board of Peace: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक संघर्षों, विशेषकर गाजा युद्ध को समाप्त करने के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नामक एक नई और महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। इस बोर्ड के माध्यम से ट्रंप दुनिया के शक्तिशाली नेताओं को एक मंच पर ला रहे हैं, जिसमें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया है।
पुतिन को आमंत्रण पर क्रेमलिन की प्रतिक्रिया
रूसी राष्ट्रपति कार्यालय, क्रेमलिन ने इस बात की पुष्टि की है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का निमंत्रण प्राप्त हुआ है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के अनुसार, रूस वर्तमान में वाशिंगटन के साथ इस प्रस्ताव की सभी बारीकियों और तकनीकी शर्तों को स्पष्ट करने की कोशिश कर रहा है। इस बोर्ड का प्राथमिक उद्देश्य युद्ध के बाद गाजा में शासन व्यवस्था और वहां के पुनर्निर्माण की देखरेख करना है।
क्या है बोर्ड की संरचना?
इस बोर्ड की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसकी अध्यक्षता खुद डोनाल्ड ट्रंप करेंगे। इसके अलावा, गाजा के जमीनी प्रशासन को संभालने के लिए इसमें तकनीकी विशेषज्ञों की एक फिलिस्तीनी समिति को भी शामिल किया जाएगा। व्हाइट हाउस के अनुसार, यह पहल ट्रंप के ‘कॉम्प्रिहेंसिव प्लान टू एंड द गाजा कॉन्फ्लिक्ट’ नामक 20-पॉइंट रोडमैप का एक अभिन्न हिस्सा है।
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शांति और विकास का नया रोडमैप
व्हाइट हाउस की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस बोर्ड का गठन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उन प्रस्तावों के अनुरूप किया गया है, जो ट्रंप की शांति योजना का समर्थन करते हैं। बोर्ड की प्रमुख भूमिकाओं में गाजा में रणनीतिक निगरानी करना, पुनर्निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय संसाधनों को एकत्रित करना और क्षेत्र में शांति, स्थिरता तथा समृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जवाबदेही तय करना शामिल है।
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नोबेल पुरस्कार पर ट्रंप की नाराजगी
शांति की इन कोशिशों के बीच, ट्रंप ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखकर नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है,। उन्होंने पत्र में कहा कि ‘अब शांति की जिम्मेदारी उनकी नहीं है’ हालांकि वे स्वतंत्र रूप से गाजा जैसे संघर्षों को सुलझाने के लिए इस बोर्ड के माध्यम से सक्रिय हैं।
