एयरपोर्ट पहुंचकर PM मोदी ने किया UAE के राष्ट्रपति का स्वागत, 2 घंटे की यात्रा के पीछे क्या है 'बड़ा एजेंडा'?

UAE President India Visit: संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत पहुंचे। पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।
Upon arriving at the airport, PM Modi welcomed the UAE President. What is the "big agenda" behind this two-hour visit?
PM मोदी एयरपोर्ट पहुंचकर किए UAE के राष्ट्रपति का स्वागत, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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PM Modi UAE President Welcome: भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी की एक और ऐतिहासिक झलक सोमवार को देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष आमंत्रण पर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान सोमवार को आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचे। यह दौरा करीब दो घंटे का है।

उनके भारत पहुंचते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए खुद एयरपोर्ट जाकर यूएई के राष्ट्रपति की आगवानी की। इतना ही नहीं दोनों नेता एयरपोर्ट से एक ही गाड़ी में रवाना हुए।

'अपने भाई' के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंचे पीएम

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए राष्ट्रपति नाहयान को अपना 'भाई' बताया। उन्होंने लिखा कि एयरपोर्ट जाकर उनका स्वागत करना भारत-यूएई की मजबूत दोस्ती को दी जाने वाली अहमियत को दर्शाता है। राष्ट्रपति बनने के बाद नाहयान का यह तीसरा भारत दौरा है, जबकि पिछले 10 वर्षों में वे कुल पांच बार भारत आ चुके हैं।

मुलाकात छोटी, लेकिन एजेंडा काफी बड़ा

हालांकि यह दौरा महज दो घंटे का है लेकिन कम समय की इस बैठक में दोनों देशों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, 2022 में हुए आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के बाद द्विपक्षीय व्यापार को और मजबूती देने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही रक्षा सहयोग बढ़ाने और भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।

क्षेत्रीय हालात पर भी गहन चर्चा हुई, जिसमें ईरान-अमेरिका के तनावपूर्ण संबंध, यमन को लेकर सऊदी अरब और यूएई के बीच चल रही खींचतान तथा गाजा की मौजूदा राजनीतिक स्थिति प्रमुख रही।

रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा

यह उच्च-स्तरीय दौरा सितंबर 2024 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद की भारत यात्रा के बाद हुआ है। जानकारों का मानना है कि इतनी छोटी अवधि के लिए यूएई राष्ट्रपति का भारत आना यह स्पष्ट करता है कि दोनों देश वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर एक-दूसरे के साथ निरंतर संपर्क में हैं और अपनी रणनीतिक साझेदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।

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