
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो (सोर्स-सोशल ,एडिया)
Trump accepts Machado Nobel Prize news: व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो की मुलाकात ने वैश्विक कूटनीति में एक नया और अभूतपूर्व अध्याय जोड़ दिया है। इस बैठक के दौरान मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार ट्रंप को उपहार स्वरूप सौंपकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है, जिसे ट्रंप ने सहर्ष स्वीकार भी कर लिया। ट्रंप ने इस ‘सेकेंड हैंड’ नोबेल को लेने के पीछे की वजह बताते हुए मचाडो की प्रशंसा की और उन्हें एक नेक महिला करार दिया है। यह घटनाक्रम वेनेजुएला में हुए हालिया सैन्य तख्तापलट और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद उपजे राजनीतिक हालातों के बीच सामने आया है।
वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात कर अपना नोबेल शांति पुरस्कार उन्हें सौंप दिया। मचाडो ने तर्क दिया कि ट्रंप ने दुनिया के आठ युद्ध खत्म किए हैं और वे इस सम्मान के असली हकदार हैं। ट्रंप ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए कहा कि उन्हें मचाडो की यह पेशकश बहुत अच्छी लगी और वे उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
ट्रंप लंबे समय से नोबेल शांति पुरस्कार पाने के इच्छुक रहे हैं और उन्होंने कई बार दुनिया के युद्ध रुकवाने का दावा पेश किया था। साल 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार जब मचाडो को मिला था, तब ट्रंप ने अपनी खीज सार्वजनिक रूप से जाहिर की थी। हालांकि अब मात्र तीन महीनों में स्थितियां बदल गई हैं और पुरस्कार विजेता ने खुद अपना सम्मान ट्रंप के नाम कर दिया है।
मचाडो ने ट्रंप को यह पुरस्कार वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और निकोलस मादुरो का तख्तापलट करने के लिए धन्यवाद के रूप में दिया है। 3 जनवरी को ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने काराकास में सर्जिकल स्ट्राइक कर मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया था। मचाडो का मानना है कि इस कार्रवाई ने वेनेजुएला के नागरिकों को एक दमनकारी शासन से मुक्ति दिलाई है।
मचाडो ने अपने नोबेल शांति पुरस्कार के पदक को एक विशेष बड़े फ्रेम में फिट करवाकर ट्रंप को भेंट किया है। इस फ्रेम पर ट्रंप की तारीफ में कई बड़ी बातें लिखी गई हैं और मचाडो के हस्ताक्षर वाला एक संदेश भी संलग्न है। इस संदेश में वेनेजुएला की जनता की ओर से अमेरिकी सैन्य एक्शन के लिए ट्रंप के प्रति गहरा आभार प्रकट किया गया है।
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फिलहाल निकोलस मादुरो अमेरिका की हिरासत में हैं और उन पर आतंकवाद के साथ-साथ ड्रग तस्करी से जुड़े गंभीर आपराधिक मामले चलाए जा रहे हैं। मचाडो का ट्रंप को नोबेल सौंपना अंतरराष्ट्रीय राजनीति में ‘पीस प्राइज ट्रांसफर’ का एक अनोखा और विवादित उदाहरण बन गया है। इस घटना ने दुनिया भर के राजनीतिक विशेषज्ञों के बीच संप्रभुता और मानवाधिकारों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।






