US-पाकिस्तान में गुप्त डील! तालिबान ने बताया कौन भड़का रहा है जंग… चीन पर भी मंडराया खतरा
Pakistan Taliban War: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि अमेरिका के इशारे पर...
- Written By: अमन उपाध्याय
तालिबान ने बताया कौन भड़का रहा है जंग, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Pakistan Afghanistan Conflict: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर अब तालिबान ने पहली बार खुलकर बयान दिया है। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने अफगानिस्तान के खैबर टीवी से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान अमेरिका के इशारे पर तालिबान के खिलाफ जंग की तैयारी कर रहा है।
मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने यह तय कर लिया है कि उसे युद्ध लड़ना है। अमेरिका पाकिस्तान के जरिए बगराम एयरबेस पर नियंत्रण चाहता है। अगर ऐसा होता है, तो यह चीन के लिए भी झटका साबित हो सकता है, क्योंकि बगराम एयरबेस चीन के परमाणु ठिकाने से सिर्फ 100 किलोमीटर दूर है।
पाकिस्तान बना अमेरिका का मोहरा
तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने बताया कि पाकिस्तान की सरकार ने तालिबान से सुरक्षा गारंटी मांगी थी जो असंभव है। मुत्ताकी के अनुसार, हम पाकिस्तान की धरती की सुरक्षा की गारंटी कैसे दे सकते हैं? यह उनका खुद का दायित्व है।
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अमेरिका की नजर बगराम बेस पर
हाल ही में अमेरिका ने संकेत दिया था कि उसे किसी भी कीमत पर बगराम बेस चाहिए। इसके लिए उसने कतर से मध्यस्थता करवाई, लेकिन नाकाम रहा। इसके बाद पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल मुनीर को व्हाइट हाउस में दो बार बुलाया गया। इसी के बाद से तालिबान और पाकिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ा।
चीन-ईरान की निगरानी की साजिश
बगराम बेस रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। अगर अमेरिका इस बेस पर फिर से कब्जा करता है, तो चीन और ईरान की गतिविधियों पर निगरानी आसान हो जाएगी। पाकिस्तान इसको लेकर ज्यादा चिंतित नहीं दिख रहा है, क्योंकि पहले भी अमेरिकी सैनिक यहां तैनात रहे हैं।
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युद्धविराम के लिए तुर्की और ईरान की कूटनीतिक कोशिशें
इस्तांबुल में अब तक 6 दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन पाकिस्तान और तालिबान के बीच स्थायी युद्धविराम नहीं हो पाया है।
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन ने कहा कि वे अपने विदेश मंत्री को इस्लामाबाद भेजने जा रहे हैं। वहां बैठक के बाद तुर्की के विदेश मंत्री काबुल का दौरा भी कर सकते हैं। वहीं, ईरान ने भी युद्ध रोकने की पहल की है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघाची ने पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री इशाक डार से संपर्क कर मध्यस्थता की पेशकश की है।
