

नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ और भारत सरकार के बीच नया विवाद शुरू हो गया है। एक्स की ग्लोबल अफेयर्स टीम ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि 3 जुलाई को भारत सरकार ने बिना कोई कारण दिए 2,355 अकाउंट्स को भारत में ब्लॉक करने का आदेश दिया था। इसमें अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के दो एक्स अकाउंट का नाम भी शामिल था।
एक्स की ग्लोबल अफेयर्स टीम ने अपने बयान में कहा कि, भारत सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत 2,355 अकाउंट्स को ब्लॉक करने का आदेश जारी किया था, और इस आदेश का पालन न करने पर दंड का सामना करना पड़ सकता था। एक्स ने इस कार्रवाई पर चिंता जताई है।
एक्स ने अपने बयान में बताया कि 3 जुलाई को भारत सरकार के आईटी मंत्रालय ने कुछ खातों को महज एक घंटे के अंदर ब्लॉक करने का निर्देश दिया, वह भी बिना किसी स्पष्ट कारण या आधिकारिक स्पष्टीकरण के।
रॉयटर्स के एक्स अकाउंट को ब्लॉक किए जाने का मामला खासतौर पर ध्यान खींचने वाला रहा, क्योंकि इसके बाद कई भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सरकार ने रॉयटर्स का अकाउंट ब्लॉक नहीं किया था, और यह तकनीकी खामी के कारण हुआ था। इस पर एक्स ने स्पष्ट किया कि जन विरोध के बाद भारत सरकार ने उनसे रॉयटर्स का अकाउंट फिर से अनब्लॉक करने का अनुरोध किया, जिसके बाद एक्स ने भारत में वह खाता फिर से सक्रिय कर दिया।
एक्स की ग्लोबल अफेयर्स टीम ने अपने बयान में कहा है कि वह भारत में प्रेस की स्वतंत्रता को प्रभावित करने वाले ऐसे ब्लॉकिंग आदेशों को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। टीम ने यह भी बताया कि वे इस मामले में सभी कानूनी विकल्पों की जांच कर रहे हैं।
एक्स ने भारत में उन यूजर्स से भी अपील की है, जिनके खातों को ब्लॉक करने के निर्देश दिए गए हैं, कि वे इन आदेशों के खिलाफ न्यायिक रास्ता अपनाएं और अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत का रुख करें। इससे पहले भी एक्स और भारत सरकार के बीच यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर विवाद हो चुके हैं। दोनों के बीच सहयोग पोर्टल से कंटेंट हटाने के आदेशों पर भी कानूनी लड़ाई चल रही है।