पहले रक्षा समझौता, अब दे दिया मुनीर को सर्वोच्च सम्मान...पर्दे के पीछे PAK-सऊदी का क्या है असली खेल?

Asim Munir Saudi Award: सऊदी अरब और पाकिस्तान के रिश्तों में एक और अहम अध्याय जुड़ गया है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर को सऊदी अरब के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया है।
First a defense agreement, now the highest honor for Munir... What's the real game between Pakistan and Saudi Arabia behind the scenes?
आसिम मुनीर को सऊदी अरब के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Saudi Arabia Pakistan Relations: सऊदी अरब ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख और हाल ही में फील्ड मार्शल बने आसिम मुनीर को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया है। पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह सम्मान दोनों देशों के बीच गहराते रणनीतिक, रक्षा और सुरक्षा संबंधों का प्रतीक है।

पाकिस्तानी सेना के अनुसार, फील्ड मार्शल बनने के बाद आसिम मुनीर इस्लामिक देशों की यात्रा पर हैं। इसी क्रम में सऊदी अरब दौरे के दौरान सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज ने उन्हें यह सम्मान सौंपा। सऊदी अरब की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘सऊदी प्रेस एजेंसी’ ने पुष्टि की है कि मुनीर को ‘किंग अब्दुलअजीज मेडल ऑफ द फर्स्ट क्लास’ से नवाजा गया।

द्वितीय स्तर का मिला मेडल

हालांकि, सऊदी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मेडल के कुल पांच स्तर होते हैं एक्सीलेंस, फर्स्ट, सेकंड, थर्ड और फॉर्थ क्लास। सऊदी गजट के अनुसार, आसिम मुनीर को द्वितीय स्तर का मेडल प्रदान किया गया है। यह सम्मान सऊदी किंग सलमान के निर्देश पर रविवार को दिया गया।

सऊदी-पाक के बीच रक्षा समझौता

आसिम मुनीर को यह सम्मान ऐसे समय में मिला है, जब हाल के महीनों में सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई मिली है। कुछ समय पहले सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बीच एक अहम रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। इस समझौते को नाटो जैसे सुरक्षा समझौते के तौर पर देखा जा रहा है जिसके तहत दोनों देशों ने यह सहमति जताई है कि यदि किसी एक देश पर हमला होता है तो उसे दोनों पर हमला माना जाएगा और संयुक्त रूप से जवाब दिया जाएगा। इसी रक्षा समझौते को लेकर सितंबर में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ का बयान भी काफी चर्चा में रहा था। उन्होंने कहा था कि जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम सऊदी अरब को 'उपलब्ध' कराया जा सकता है।

लगातार बढ़ रही मुनीर की ताकत

इस बीच, पाकिस्तान के भीतर भी आसिम मुनीर की ताकत लगातार बढ़ी है। उन्हें देश का वास्तविक शासक तक कहा जा रहा है। हाल ही में संवैधानिक बदलावों के जरिए मुनीर को ‘चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज’ का पद सौंपा गया है जो थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर समन्वय के लिए बनाया गया है।

पाकिस्तान सऊदी अरब के साथ आर्थिक, धार्मिक और सुरक्षा संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। पाकिस्तान की कमजोर अर्थव्यवस्था को सऊदी अरब कई बार कर्ज और आर्थिक सहायता देकर सहारा दे चुका है। वहीं, सऊदी नेतृत्व पाकिस्तान को एक सैन्य रूप से सक्षम और परमाणु शक्ति संपन्न साझेदार के तौर पर देखता है।

पाकिस्तानी सेना ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि आसिम मुनीर को दिया गया यह सम्मान 'पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच गहरे रिश्तों, आपसी विश्वास और क्षेत्रीय व वैश्विक शांति के लिए साझा रणनीतिक सहयोग' को दर्शाता है।

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