
रूसी जहाज ब्रिस्टल चैनल, फोटो (सो. सोशल मीडिया
Russian Ship Bristol Channel: ब्रिटेन के समुद्री क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब रूस का एक विशाल मालवाहक जहाज, ‘सिनेगोर्स्क’ चुपके से दाखिल होकर ब्रिस्टल चैनल के एक बेहद संवेदनशील हिस्से में जा पहुंचा। यह जहाज आधी रात के अंधेरे में माइनहेड के पास उस स्थान पर 14 घंटे तक डेरा जमाए रहा, जिसके ठीक नीचे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण इंटरनेट और डेटा केबल्स का जाल बिछा हुआ है। रॉयल नेवी ने इस हरकत को देखते हुए तुरंत अपनी सक्रियता बढ़ा दी और चेतावनी जारी की है।
स्रोतों के अनुसार, जिस स्थान पर रूसी जहाज खड़ा था उसके चंद मीटर नीचे 5 प्रमुख डेटा केबल्स गुजरते हैं। ये केबल केवल इंटरनेट का जरिया नहीं हैं बल्कि ब्रिटेन को न्यूयॉर्क, कनाडा, स्पेन और पुर्तगाल से जोड़ने वाली आर्थिक और संचार ‘जीवनरेखा’ हैं। ब्रिटिश सुरक्षा मंत्री एलिसिया कर्न्स ने इस गतिविधि को ‘अत्यधिक संदिग्ध’ करार दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस अब सीधे युद्ध के बजाय ‘अंडरवाटर ब्लैकआउट’ के जरिए ब्रिटेन को घुटनों पर लाने की रणनीति अपना रहा है।
ब्रिटेन के पास कुल 45 समुद्री केबल हैं जो उसे वैश्विक नेटवर्क से जोड़ते हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि रूस इनमें से 60 प्रमुख केबल्स को काट देता है, तो ब्रिटेन ‘पत्थर युग’ में पहुंच सकता है। इसके प्रभाव विनाशकारी हो सकते हैं:
वित्तीय नुकसान: लंदन और न्यूयॉर्क के बीच प्रतिदिन होने वाला करीब 125 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन ठप हो जाएगा।
सेवाएं बाधित: इंटरनेट और क्लाउड स्टोरेज बंद होने से राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा और देश की पूरी सुरक्षा व्यवस्था चरमरा सकती है।
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यह पहली बार नहीं है जब रूसी जहाजों ने ब्रिटिश जलक्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि की है। इससे पहले नवंबर 2025 में रूसी जासूसी जहाज ‘यांतर’ ने ब्रिटिश पायलटों पर मिलिट्री-ग्रेड लेजर का उपयोग किया था और युद्धपोत HMS Somerset के नेविगेशन सिस्टम को जैम करने की कोशिश की थी। वर्तमान घटना के बाद ब्रिटिश रक्षा सचिव जॉन हीली ने पुतिन को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि हमें पता है तुम क्या कर रहे हो। हमारी अंडरवाटर केबल्स को छूने की गलती मत करना, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना।






