यूरोप में खतरे की घंटी! रूस ने EU और UK का दफ्तर उड़ाया, दुनिया में मचा हड़कंप
Russia EU Uk Conflict: शांति समझौते पर कोई प्रगति न होने के बाद रूस ने अब यूरोपीय यूनियन और ब्रिटिश काउंसिल के कार्यालयों पर हमला कर दिया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
रूस ने EU और UK का दफ्तर उड़ाया, ( डिजाइन फोटो )
Russia Attcks EU UK office: यूक्रेन युद्ध में अब व्लादिमीर पुतिन पूरी तरह निर्णायक मोड़ पर हैं। शुक्रवार, 29 अगस्त को रूसी सेना ने इसी के तहत कीव में यूरोपीय यूनियन और ब्रिटेन के कार्यालयों पर हमला किया। इस हमले में ब्रिटिश काउंसिल और ईयू का कार्यालय पूरी तरह तबाह हो गया। तीन साल चले इस युद्ध में यह पहली बार है जब रूस ने ब्रिटेन और यूरोपीय यूनियन के कार्यालयों को निशाना बनाया है।
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने युद्ध में अब सीधे तौर पर यूरोपीय यूनियन और ब्रिटेन को भी शामिल कर दिया है। उन्होंने इन दोनों संस्थानों के दफ्तरों पर हमला कर यह साफ संदेश दिया कि वे युद्ध विराम समझौते के लिए झुकने वाले नहीं हैं।
दोनों कार्यालय पूरी तरह से तबाह
28 अगस्त गुरुवार को यूरोपीय यूनियन की प्रमुख उर्सूला बेन डार ने कहा कि पुतिन के पास शांति समझौते के लिए वार्ता की मेज पर आने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। इसके कुछ ही समय बाद रूस ने कीव में स्थित यूरोपीय यूनियन और ब्रिटिश काउंसिल के कार्यालयों पर हमला कर दिया। इस हमले में दोनों कार्यालय पूरी तरह से तबाह हो गए। जानकारी के मुताबिक, इस हमले से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी नाराज हैं। वहीं, ब्रिटेन ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए लंदन स्थित रूसी दूतावास के अधिकारियों को तलब किया है।
सम्बंधित ख़बरें
जल्द ईरान छोड़ें भारतीय… भारत सरकार ने जारी किया ‘इमरजेंसी अलर्ट’, यात्रा न करने की भी सलाह
इजरायली मिसाइलों ने उड़ाया ईरान का पेट्रोकेमिकल प्लांट; हमले के बाद नेतन्याहू ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग
फिलीपींस में 7.8 तीव्रता के भूकंप ने मचाई तबाही, मलबे में तब्दील हुईं इमारतें, सामने आई डराने वाली तस्वीरें
Alert! धरती की ओर बढ़ रहा है सूरज का महातूफान, भारत समेत दुनिया भर में सोमवार को दिखेगा असर; कितना बड़ा है खतरा
अब अगला कदम क्या होगा?
ब्रिटेन और यूरोपीय यूनियन पर हमला करके पुतिन ने अपनी मंशा साफ़ कर दी है। अब इस पर प्रतिक्रिया देना यूरोप और ब्रिटेन के हाथ में है। अमेरिकी फैसलों पर यूरोपीय देशों की निगाहें टिक गई हैं। डोनाल्ड ट्रंप शांति समझौते की पहल कर रहे हैं और पुतिन से उनकी मुलाकात भी हो चुकी है। उनका उद्देश्य जल्दी ही पुतिन और जेलेंस्की को आमने-सामने लाना है। ऐसे में रूस का यह हमला ट्रंप की कोशिशों के लिए भी एक झटका साबित हो सकता है।
यह भी पढ़ें:- मैन्युफैक्चरिंग से स्टार्टअप तक… जापान क्यों है भारत के लिए अहम, PM मोदी ने बताई ये बड़ी बात
यूक्रेन पर दूसरा सबसे बड़ा हमला
पिछले साढ़े तीन वर्षों से जारी यूक्रेन-रूस संघर्ष में, रूस ने गुरुवार को यूक्रेन पर अपना दूसरा सबसे बड़ा हमला किया। इस हमले में चार बच्चों समेत 23 लोग मारे गए, जबकि राजधानी कीव में यूरोपीय संघ और ब्रिटिश काउंसिल की इमारतें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। इन हमलों के जवाब में, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने अपने देशों में तैनात शीर्ष रूसी राजनयिकों को तलब किया। यूक्रेन की वायु सेना के अनुसार, रूस ने रात भर में कुल 629 हवाई हमले किए, जिनमें 598 ड्रोन और 31 मिसाइल हमले शामिल थे।
