भारत-ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक समझौता, FTA से आम जनता को क्या फायदा; जानिए सबकुछ

India-UK Free Trade Deal: तीन साल से लगातार बातचीत के बाद हुए समझौते से भारतीय कंज्यूमर्स को ब्रिट्रिश उत्पादों जैसे कि कॉस्मेटिक्स, कार और मेडिकल उपकरणों तक बेहतर पहुंच मिलेगी।
India-UK Trade Deal
(नरेंद्र मौदी और कीर स्टार्मर)
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India-UK Trade Deal: भारत और ब्रिटेन के बीच गुरुवार को ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर मुहर लग गई। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर की मौजूदगी में देश के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशें के बीच हुए इस समझौते से 99 प्रतिशत भारतीय एक्सपोर्ट को टैरिफ मुक्त करेगा। इसके साथ ही ब्रिटिश कंपनियों की व्हिस्की, कारों एवं अन्य उत्पादों भारत में निर्यात करना आसान बनाएगा, जिससे ये चीजें सस्ती हो जाएंगी।

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारतीय किसानों को ब्रिटेन के 37.5 अरब डॉलर के कृषि बाजार में पहुंच मिलेगी। हर साल दोनों देशों के बीच व्यापार 34 अरब डॉलर तक बढ़ने की उम्मीद है। अगले पांच वर्ष में दोनों देशों के बीच कारोबार 120 अरब डॉलर पहुंच जाएगा। इसका सबसे बड़ा असर यह होगा कि भारतीय उत्पाद अब चीन, वियतनाम जैसे पुराने दावेदारों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सीधी टक्कर देंगे।

समझौते में खाद्य उत्पाद शामिल नहीं

ब्रिटेन के साथ हुए व्यापार समझौते में भारत ने डेयरी उत्पादों, खाद्य तेल और सेब को शामिल नहीं किया है, जो कि देश के किसानों के हित में है। इसके साथ ही 95 प्रतिशत कृषि और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों पर शून्य टैरिफ लगेगा। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत दोनों देश व्यापार वाली अधिकतम वस्तुओं पर एक्सपोर्ट ड्यूटी खत्म कर देते हैं या इसमें काफी कटौती कर दी जाती है।

15% से घटकर तीन प्रतिशत रह जाएगा शुल्क

तीन साल से लगातार बातचीत के बाद हुए समझौते से भारतीय कंज्यूमर्स को ब्रिट्रिश उत्पादों जैसे कि कॉस्मेटिक्स, कार और मेडिकल उपकरणों तक बेहतर पहुंच मिलेगी, क्योंकि एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर के बाद औसत शुल्क 15 प्रतिशत से घटकर तीन प्रतिशत रह जाएगा। ब्रिटने पहले ही भारत से 11 अरब पाउंड का सामान आयात करता है, लेकिन शुल्क में ढील से ब्रिटिश उपभोक्त और बिजनेस के लिए भारतीय सामान खरीदना आसान और सस्ता हो जाएगा।

भारत-ब्रिटेन FTA के फायदें-

अर्थव्यवस्था को मजबूती- इस एग्रीमेंट से साल 2030 तक भारत और ब्रिटेन के बीच 120 अरब डॉलर का व्यापार होने की संभावना है, जिससे भारतीय इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी। ग्लोबल ट्रेड में भारत की मजबूती स्थिति होगा और 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने का रास्ता आसान होगा।

आम लोगों के लिए- ब्रिटिश उत्पाद जैसे की मेडिकल उपकरण, कॉस्मेटिक्स, चॉकलेट, बिस्किट, सॉफ्ट ड्रिक्स, सैल्मन फीश और व्हिस्की भारतीय बाजार में सस्ते होंगे।भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए ब्रिटने में काम करने का मौके बढ़ेंगे, जिससे नौकरी और इनकम बढ़ेगी। यूके की इंश्योरेंस और फाइनेंशियल सर्विस उपलब्ध होंगी, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं को बेहतर विकल्प मिलेंगे।

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