
ब्लैक सी में आग का गुबार, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Russia-Ukraine War: तुर्किए के बोस्फोरस स्ट्रेट के पास ब्लैक सी में शुक्रवार देर रात रूस की शैडो फ्लीट के दो टैंकरों Kairos और Virat में भीषण धमाके हुए, जिसके बाद दोनों जहाज आग की लपटों में घिर गए। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब रूस-यूक्रेन तनाव अपने चरम पर है और क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर लगातार खतरा बढ़ रहा है।
धमाके के बाद टैंकर के क्रू मेंबर ने एक इंटरसेप्टेड ओपन-फ्रीक्वेंसी रेडियो कॉल में “मेडे-मेडे” चिल्लाते हुए मदद मांगी। क्रू मेंबर ने कहा कि यह विराट है, मदद चाहिए, ड्रोन हमला। उन्हें मानवरहित समुद्री ड्रोन से हमले का संदेह था। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में भी क्रू को हमले की पुष्टि करते सुना गया।
तुर्किए के परिवहन मंत्रालय ने X पर बताया कि Virat टैंकर पर पहले 35 समुद्री मील दूर समुद्री ड्रोन से हमला हुआ था और 29 नवंबर की सुबह एक और हमला किया गया। मंत्रालय ने साफ कहा कि टैंकरों पर मिसाइल, रॉकेट, माइन, ड्रोन या किसी समुद्री वाहन से हमला किया गया है। हालांकि Virat को केवल मामूली नुकसान पहुंचा है और उसके सभी क्रू सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं।
Ukrainians attack two tankers of the Russian shadow fleet. According to sources, SBU Sea Baby naval drones attacked the two sanctioned oil tankers KAIRO and VIRAT in the Black Sea. It was a joint operation between the SBU’s 13th Main Directorate for Military Counterintelligence… pic.twitter.com/U82scXaM5r — Jürgen Nauditt 🇩🇪🇺🇦 (@jurgen_nauditt) November 29, 2025
न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, यूक्रेन की सुरक्षा सेवा एसबीयू ने इन हमलों की जिम्मेदारी स्वीकार की है। एसबीयू के एक अधिकारी के अनुसार, यह हमला यूक्रेन की नेवी और एसबीयू का संयुक्त ऑपरेशन था, जिसका उद्देश्य रूस के तेल परिवहन को बाधित करना था। अधिकारी ने कहा कि वीडियो से साफ है कि दोनों टैंकरों को “गंभीर क्षति” पहुंची है, जिससे रूस की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा।
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एक अन्य यूक्रेनी सूत्र ने बताया कि इस ऑपरेशन में “मॉडर्न सी बेबी नेवल ड्रोन” का इस्तेमाल किया गया, जिनके फुटेज भी सामने आए हैं। वीडियो में ड्रोन को जहाजों की ओर बढ़ते और फिर विस्फोट होते देखा जा सकता है।
वेसलफाइंडर वेबसाइट के अनुसार, रूस पर लंबे समय से आरोप है कि वह पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए शैडो फ्लीट का उपयोग करता है। ये टैंकर AIS (Automatic Identification System) ट्रांसपोंडर बंद कर चलते हैं, जिससे वे ट्रैक नहीं किए जा सकते और रडार से गायब हो जाते हैं। यूक्रेन का दावा है कि यही जहाज रूस की प्रतिबंधित तेल सप्लाई को जारी रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।






