
गाजा पर इजरायल का हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Israel Hamas Ceasefire: दक्षिणी गाजा पट्टी में शनिवार को हुए इजरायली हमले में दो फिलिस्तीनी बच्चों की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। नासिर अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि 11 और 8 वर्ष के दो भाई उस समय मारे गए जब बेनी सुहैला शहर में विस्थापित लोगों को आश्रय देने वाले एक स्कूल के नजदीक इजरायली ड्रोन ने हमला किया।
दोनों बच्चों के शव अस्पताल लाए गए, जहां डॉक्टरों ने उनकी मौत की पुष्टि की। इजरायली सेना ने इस घटना पर कोई आधिकारिक टिप्पणी जारी नहीं की है।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 10 अक्टूबर को इज़रायल और हमास के बीच लागू हुए युद्धविराम के बाद से अब तक 352 फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है। मंत्रालय हमास के शासन का हिस्सा होने के बावजूद नागरिकों और लड़ाकों के बीच अंतर नहीं करता, हालांकि इसके पास ऐसे विस्तृत चिकित्सा रिकॉर्ड हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं आमतौर पर विश्वसनीय मानती हैं।
इज़रायल का दावा है कि उसके ताज़ा हमले उन चरमपंथी तत्वों पर केंद्रित हैं, जो युद्धविराम का उल्लंघन कर हमलों की योजना बना रहे थे। लेकिन लगातार हो रही नागरिक मौतों ने युद्धविराम की विश्वसनीयता और स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दूसरी ओर, हमास ने इज़रायल पर समझौते को लगातार तोड़ने का आरोप लगाया है और शनिवार को एक बार फिर मध्यस्थ देशों से हस्तक्षेप की मांग की, ताकि बच्चों की मौत के बाद इजरायल पर दबाव बनाया जा सके।
इसी बीच, क्षेत्र में कई अन्य मोर्चों पर भी तनाव बढ़ रहा है। सीरिया ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को इज़रायली बलों ने उसके एक गांव पर छापा मारा, जिसमें सैनिकों के साथ टकराव के दौरान कम से कम 13 लोग मारे गए। इजरायल ने कहा कि यह अभियान उन संदिग्ध चरमपंथियों को पकड़ने के लिए चलाया गया था जो इजरायल में हमला करने की योजना बना रहे थे। इस अभियान में एक संदिग्ध ने इजरायली जवानों पर गोली चलाई, जिसमें छह सैनिक घायल हुए।
लेबनान की सीमा पर भी हालात बिगड़ रहे हैं। इज़रायल ने हिज़्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमले तेज कर दिए हैं। इज़रायल का कहना है कि हिज़्बुल्लाह फिर से हथियार जुटाने की कोशिश कर रहा है, जो क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा है।
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इन घटनाओं की श्रृंखला ने न केवल युद्धविराम को कमजोर किया है बल्कि पूरे पश्चिम एशिया को पुनः संघर्ष की ओर धकेलने की आशंका भी बढ़ा दी है। दो बच्चों की मौत ने इस त्रासदी को और गहरा बना दिया है, जिससे क्षेत्र में लंबे समय से जारी मानवीय संकट एक बार फिर सामने आ गया है।






