इजरायल का जबरदस्त हमला: 100 से ज्यादा फाइटर जेट से बोला धावा, ईरान के IRGC और एजेंसियों के मुख्यालय तबाह

Israel-Iran Conflict: ईरान और इजरायल के बीच युद्ध जारी, तेहरान और लेबनान में हवाई हमले, मिसाइलें, ड्रोन हमले, हिजबुल्लाह शामिल, हरमूज जलडमरूमध्य में तनाव, मानवीय संकट बढ़ा।
Israel-Iran War
सांकेतिक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Israel-Iran War: ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका का युद्ध छठे दिन भी जारी है। इजरायली वायु सेना ने बुधवार रात ईरान की राजधानी तेहरान के पूर्वी हिस्से में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के मुख्य कंपाउंड और अन्य सुरक्षा ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। इजरायल ने इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा फाइटर जेट का उपयोग किया। 

इजरायल के दावे के अनुसार उनके 100 से अधिक लड़ाकू विमान ने हजार से ज्यादा बम गिराए हैं, जिनके लक्ष्य में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के अलावा स्थानीय इंटेलिजेंस, सुरक्षा बलों और साइबर यूनिट के मुख्यालय भी शामिल थे। तेहरान में कई स्थानों पर विस्फोटों की आवाजें और आग लगने की खबरें आ रही हैं।

ईरान का डिफेंस सिस्टम तबाह

इजरायल  का कहना है कि इन हमलों के दौरान उसने लगभग 300 से ज्यादा ईरानी डिफेंस सिस्टम और बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट किया है, और ईरानी न्यूक्लियर साइटों पर हमला भी किया गया है। इस बीच ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है: उसने मिसाइलें और ड्रोन इजरायल  की ओर दागे हैं, जिससे कई इलाकों में मिसाइल अलर्ट और धमाकों की स्थिति बनी है।

लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर भी हमला

संघर्ष का दायरा सिर्फ ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं रहा। लेबनान में ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह ने भी भाग लिया है, जिसके खिलाफ इजरायल ने बेरूत, टायर और दक्षिणी लेबनान के ठिकानों पर हवा हमले तेज कर दिए हैं। सीमा के पास इजरायली सैनिक तैनात किए गए हैं, और दक्षिण लेबनान में इस युद्ध में अब तक दर्जनों लोग मारे गए हैं तथा कई घायल हुए हैं।

हरमूज जलडमरूमध्य में भी जंग

इस जंग के चलते तेहरान के अलावा गोल्फ क्षेत्र में समुद्री मार्गों पर भी तनाव बढ़ गया है, खासकर हरमूज जलडमरूमध्य के आसपास जहाजो की आवाजाही प्रभावित हुई है जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर भी दबाव पड़ा है।

कुल मिलाकर छठे दिन का संघर्ष मध्य-पूर्व के कई हिस्सों में फैल गया है, जिसमें सामरिक हमले, मिसाइलें, और क्षेत्रीय गठबंधनों की भागीदारी शामिल हैं। स्थिति बेहद जटिल और अस्थिर बनी हुई है, और विस्फोटों, एयरस्ट्राइक और जवाबी हमलों के बीच नरसंहार और मानवीय संकट बढ़ता जा रहा है।

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