शांति वार्ता से पहले रूस का तांडव; यूक्रेन पर 450 ड्रोन और 70 मिसाइलें दागीं, कड़ाके की ठंड में कांपे लोग
Russia Ukraine War: अबू धाबी में होने वाली शांति वार्ता से ठीक एक दिन पहले रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है, जिसमें बिजली ग्रिड और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया।
- Written By: अमन उपाध्याय
रूस ने यूक्रेन को बनाया निशाना, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
Russia Ukraine War Latest News In Hindi: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर खौफनाक मोड़ ले लिया है। मंगलवार को रूसी सेना ने यूक्रेन के खिलाफ अपने सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक को अंजाम दिया। राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के अनुसार, रूस ने रातों-रात लगभग 450 लंबी दूरी के ड्रोन और 70 विभिन्न प्रकार की मिसाइलें दागीं। यह भीषण हमला ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देश बुधवार को अबू धाबी में अमेरिका की मध्यस्थता में होने वाली शांति वार्ता में शामिल होने वाले थे।
कड़ाके की ठंड को बनाया हथियार
रूस के इस हमले का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन के पावर ग्रिड को तबाह करना था। वर्तमान में यूक्रेन अपने सबसे ठंडे सर्दियों के दौर से गुजर रहा है, जहां तापमान शून्य से 20 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। जेलेंस्की ने कहा कि रूस कूटनीति से ज्यादा लोगों को आतंकित करने में रुचि रखता है। इस हमले के कारण कीव की कम से कम 1,170 इमारतों में हीटिंग और बिजली की सुविधा ठप हो गई जिससे हजारों लोग कड़ाके की ठंड में रहने को मजबूर हैं।
कीव में रूसी ड्रोन हमले के समय लोगों ने जान बचाने के लिए मेट्रो स्टेशन में शरण ली, फोटो (सो. एपी)
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रिहायशी इलाकों और स्कूल पर हमला
रूसी हमलों ने न केवल रणनीतिक ठिकानों, बल्कि नागरिक बुनियादी ढांचों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। अधिकारियों के अनुसार, कीव में कई रिहायशी इमारतें, एक प्री-स्कूल और एक गैस स्टेशन क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा, ओडेसा और खार्किव जैसे कम से कम पांच क्षेत्रों में भी हमले किए गए जहां कम से कम 10 लोग घायल हुए हैं। हमले में द्वितीय विश्व युद्ध के इतिहास से जुड़े एक राष्ट्रीय संग्रहालय के ‘हॉल ऑफ फेम’ को भी नुकसान पहुंचा है।
ट्रंप की अपील और फेल होती कूटनीति
दिलचस्प बात यह है कि पिछले हफ्ते रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निजी अनुरोध पर कड़ाके की ठंड को देखते हुए एक हफ्ते के लिए हमले रोकने पर सहमति जताई थी। हालांकि, वह समय सीमा 1 फरवरी समाप्त होते ही रूस ने और भी घातक हमला कर दिया। जेलेंस्की ने सहयोगियों से अधिक वायु रक्षा प्रणाली की मांग की है।
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नाटो का समर्थन
इस हमले के बीच नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने कीव का दौरा किया। उन्होंने यूक्रेनी संसद को संबोधित करते हुए आश्वासन दिया कि सैन्य गठबंधन यूक्रेन के साथ खड़ा है और शांति प्रयासों में तेजी लाने के बावजूद सुरक्षा सहायता जारी रखेगा। रुटे ने बताया कि पिछले साल से नाटो सदस्यों ने यूक्रेन की अग्रिम पंक्ति की 75% मिसाइलें और 90% वायु रक्षा उपकरण प्रदान किए हैं। अबू धाबी में होने वाली वार्ता को लेकर ट्रंप प्रशासन अभी भी एक बड़े समाधान की तलाश में है, लेकिन रूस के ताजा हमलों ने शांति की उम्मीदों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
