खामेनेई ने मानी हार...ट्रंप की शर्तें मानने को सुप्रीम लीडर हुए तैयार, रोक देंगे न्यूक्लियर प्रोग्राम!

US-Iran Peace Talks: इस्तांबुल वार्ता से पहले ईरान ने न्यूक्लियर प्रोग्राम सस्पेंड करने के संकेत दिए हैं। अमेरिका-ईरान बातचीत के बीच मध्य पूर्व में तनाव और कूटनीतिक हल की उम्मीद बढ़ी।
Iran Nuclear Programme Suspend Trump US Attack
अमेरिका के साथ बैठक से पहले ईरान ने न्यूक्लियर प्रोग्राम रूकने के संकेत दिए (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Iran Nuclear Programme Suspend Trump US Attack: तुर्की के इस्तांबुल में प्रस्तावित बातचीत से पहले ईरान ने अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर नरम रुख के संकेत दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने संकेत दिया है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद करने या अस्थायी रूप से सस्पेंड करने पर विचार कर सकता है। इस बीच अमेरिकी अधिकारी इस्तांबुल में ईरानी प्रतिनिधियों से बातचीत की तैयारी में जुटे हैं। 

माना जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री से मुलाकात कर सकते हैं। इस बैठक में तुर्की, कतर और मिस्र के अधिकारियों की मौजूदगी भी संभावित है। तुर्की में होने जा रही यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपने बड़े सैन्य संसाधन तैनात कर रखे हैं। ट्रंप पहले ही ईरान पर हमले की चेतावनी दे चुके हैं।

खामेनेई के तेवर पड़े नरम

अमेरिका के सामने न झुकने की कसम खाने वाले ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के रुख में अब कुछ नरमी दिखाई दे रही है। इससे पहले ईरान ने ट्रंप की उस शर्त को खारिज कर दिया था, जिसमें उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम को रोकने की बात कही गई थी। खामेनेई ने चेतावनी दी थी कि अमेरिकी हमले की स्थिति में पूरे क्षेत्र में युद्ध भड़क सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, संभावित अमेरिकी हमले को टालने के लिए ईरान कई अहम शर्तें मानने को तैयार हो सकता है। तेहरान ने संकेत दिया है कि वह अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम सस्पेंड कर सकता है। हालांकि, ईरान उस पुराने प्रस्ताव को ज्यादा पसंद करेगा जिसमें परमाणु ऊर्जा के लिए एक क्षेत्रीय कंसोर्टियम बनाने की बात कही गई थी। हाल ही में ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी और सुप्रीम लीडर का संदेश उन्हें सौंपा था।

ईरान के संकेतों का क्या अर्थ?

ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि वह परमाणु बम निर्माण के लिए इस्तेमाल होने वाले एनरिच्ड यूरेनियम के अपने भंडार को रूस भेज सकता है, जैसा कि 2015 की न्यूक्लियर डील के तहत किया गया था। वहीं सुप्रीम लीडर के वरिष्ठ सलाहकार अली शमखानी का कहना है कि ईरान अपने स्टोर किए गए परमाणु सामग्री को पूरी तरह नहीं हटाएगा, लेकिन बदले में कुछ ठोस लाभ मिलने पर वह यूरेनियम एनरिचमेंट को 60 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत तक लाने के लिए तैयार है।

अमेरिका की प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा, “हमारे जहाज ईरान की दिशा में बढ़ रहे हैं, बहुत बड़े जहाज और ईरान के साथ बातचीत जारी है। देखते हैं आगे क्या होता है।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार नजर आ रहा है और न्यूक्लियर हथियारों को लेकर चर्चा के लिए एक समयसीमा तय की गई है, हालांकि उन्होंने इसकी अवधि स्पष्ट नहीं की।

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