पानी, तूफान और बिजली सब फेल, रूस ने बनाया दुनिया का पहला वेदरप्रूफ जेट, VIDEO देख दुनिया रह गई दंग

Russia PD-8 Fighter Jet Aircraft: यूक्रेन युद्ध के बीच रूस ने तीसरे घातक हथियार के रूप में सुपरजेट पीडी-8 का सफल परीक्षण किया। यह फाइटर जेट बारिश, तूफान और बिजली के बीच भी उड़ने में सक्षम है।
Water, storms, and lightning all failed; Russia built the world's first weatherproof jet, leaving the world stunned after watching the video.
रूस ने बनाया दुनिया का पहला वेदरप्रूफ जेट, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Russia Weatherproof Jet:  यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध के बीच रूस ने अपने सैन्य कार्यक्रम को और मजबूत करते हुए तीसरे घातक हथियार का सफल परीक्षण किया है। रूस का यह नया फाइटर जेट “सुपरजेट न्यू पीडी-8” पूरी तरह से स्वदेशी इंजन से लैस है, जो मौसम की किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है।

रूसी इंजीनियर अलेक्सी के नेतृत्व में तैयार इस जेट ने वो कर दिखाया जो दुनिया के किसी भी देश ने अब तक नहीं किया। यह जेट बारिश, तूफान और बिजली के झटकों के बीच भी उड़ान भरने की क्षमता रखता है। इसे “वेदरप्रूफ फाइटर जेट” कहा जा रहा है।

कैसे हुआ PD-8 जेट का परीक्षण

रूस का यह सुपरजेट हल्का, शक्तिशाली और पूरी तरह स्वदेशी इंजन से संचालित है। इसका परीक्षण उस वक्त किया गया जब आसमान में काले बादल छाए हुए थे और तेज हवाएं चल रही थीं। टेस्ट पायलट नाद्या ने जब कॉकपिट में बैठकर उड़ान शुरू की, तो कंट्रोल रूम में सभी की निगाहें स्क्रीन पर थीं। अलेक्सी ने वॉकी-टॉकी पर कहा कि यह सिर्फ मशीन नहीं, हमारी उम्मीद है। इसके साथ ही पीडी-8 ने रनवे पर दहाड़ते हुए उड़ान भरी

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कृत्रिम बारिश और बिजली के बीच परीक्षण

इस फाइटर जेट की क्षमता परखने के लिए कृत्रिम बारिश प्रणाली से इंजनों पर पानी की बौछारें की गईं। आम जेट्स में इस स्थिति में इंजन बंद हो जाते हैं, लेकिन पीडी-8 ने बिना रुके पानी को झेला और उड़ान जारी रखी। 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की तेज हवाओं और बिजली की चमक के बीच भी यह जेट स्थिर बना रहा। इंजीनियरों की निगाहें स्क्रीन पर थीं और हरी लाइटें सामान्य संचालन का संकेत दे रही थीं।

20 मिनट की ऐतिहासिक उड़ान

करीब 20 मिनट तक जारी परीक्षण उड़ान के बाद PD-8 ने यह साबित कर दिया कि वह दुनिया का सबसे मौसम-प्रतिरोधी फाइटर जेट है। लैंडिंग के बाद पायलट नाद्या और इंजीनियर अलेक्सी को रूसी वैज्ञानिकों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया। अलेक्सी ने कहा कि यह सिर्फ उड़ान नहीं, यह रूस की तकनीकी आज़ादी का प्रतीक है। अब यह सुपरजेट न केवल युद्ध में बल्कि दुर्गम इलाकों आर्कटिक मिशनों और राहत कार्यों में भी उपयोगी साबित हो सकता है।

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