
टीना अंबानी को ईडी का समन (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Money Laundering Reliance: अनिल अंबानी के साथ साथ उनकी पत्नी टीना अंबानी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। क्योंकि जेफ्री एपस्टीन के मामले में अनिल का नाम आने के साथ-साथ अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उनकी पत्नी टीना अंबानी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नया समन जारी करने वाली है। टीना के पहले समन पर पेश न होने के कारण ईडी अब सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, ईडी जल्द ही रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए नया समन जारी करेगी। पूर्व अभिनेत्री टीना अंबानी (68) को सोमवार को केंद्रीय एजेंसी ने गवाही देने के लिए बुलाया था। लेकिन वे पेश नहीं हुईं थी।
अधिकारियों ने बताया कि उन्हें जल्द ही दोबारा बुलाया जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में एक लग्जरी कंडोमिनियम की खरीद से जुड़े धन लेन-देन के संबंध में उनसे पूछताछ की जानी है। ईडी ने हाल ही में इस मामले में रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के पूर्व अध्यक्ष पुनीत गर्ग के बयान की पुष्टि की थी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एजेंसी ने हाल ही में अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के खिलाफ कथित बैंक धोखाधड़ी और इससे जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के कई मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है।
महाराष्ट्र के नवी मुंबई में सरकारी जमीन को लेकर एक बड़ा खेल किया गया था, जिसकी भनक किसी को नहीं लगी थी। लेकिन जब प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में हाथ डाला तो हर कोई हैरान रह गया। मुंबई जोनल ऑफिस की ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून 2002 के तहत प्राविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है।
यह भी पढ़ें – भोसारी लैंड स्कैम: एकनाख खड़से को हाई कोर्ट से मिली बड़ी राहत, बोले- मुझे फंसाया गया, मैंने तो 1500 करोड़…
इस आदेश के तहत उरण और उलवे, नवी मुंबई में स्थित तीन अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है। इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 17.74 करोड़ रुपये बताई गई है। ये संपत्तियां बीजेपी नेता जे.एम. म्हात्रे और उनकी पत्नी से जुड़ी हैं। एजेंसी का दावा है कि यह संपत्ति कथित तौर पर अवैध लेन-देन से अर्जित की गई है।
यह मामला है रायगढ़ जिले के मौजे वहाल की उन जमीनों का, जो कभी सरकारी रिकॉर्ड में वन विभाग के नाम दर्ज थीं। लेकिन समय के साथ इन जमीनों की किस्मत बदलती चली गई। आरोप है कि इन जमीनों को अवैध तरीके से अपने नाम करवाकर करोड़ों की हेराफेरी की गई। इसी सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है।






