जेलेंस्की और पुतिन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Luhansk Full Control On Russia: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक बड़ी सैन्य बढ़त की खबर सामने आ रही है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को घोषणा की है कि उसकी सेना ने पूर्वी यूक्रेन के लुहांस्क (Luhansk) क्षेत्र पर पूरी तरह से नियंत्रण हासिल कर लिया है। मंत्रालय के अनुसार, ‘वेस्ट’ सैन्य समूह की इकाइयों ने इस क्षेत्र की ‘मुक्ति’ का कार्य पूरा कर लिया है जिसे मॉस्को ‘लुहांस्क पीपुल्स रिपब्लिक’ कहता है।
रूसी सेना की बढ़त केवल लुहांस्क तक सीमित नहीं रही है। रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उन्होंने उत्तर-पूर्वी यूक्रेन के खार्किव क्षेत्र में वर्खन्या पायसारिव्का गांव और दक्षिण-पूर्वी ज़ापोरिज्जिया क्षेत्र के बोइकोव गांव पर भी कब्जा कर लिया है। हालांकि, यूक्रेन की ओर से लुहांस्क के पूरी तरह हाथ से निकलने पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या टिप्पणी नहीं आई है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की को युद्ध के ‘हॉट फेज’ को समाप्त करने के लिए डोनबास क्षेत्र से अपनी सेना वापस लेने का कठिन निर्णय ‘कल ही’ ले लेना चाहिए था। इससे एक दिन पहले जेलेंस्की ने दावा किया था कि रूस ने अमेरिका को एक अल्टीमेटम दिया है, जिसमें कहा गया है कि यदि यूक्रेनी सेना दो महीने के भीतर डोनबास से पीछे नहीं हटती है तो शांति समझौते की शर्तें और कड़ी कर दी जाएंगी। ज़ेलेंस्की ने कूटनीतिक समाधान की इच्छा जताई है लेकिन वे केवल वर्तमान फ्रंट लाइन्स पर ही युद्धविराम के लिए तैयार हैं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर बताया कि यूक्रेन ने Easter के अवसर पर युद्धविराम का प्रस्ताव दिया था लेकिन रूस ने इसके जवाब में रात भर में 339 ड्रोन से हमला कर दिया। इन हमलों में खेरसॉन क्षेत्र में एक नागरिक कार पर हुए हमले में दो महिलाओं की मौत हो गई जबकि पश्चिमी शहर लुत्स्क में एक गोदाम में भीषण आग लग गई। जेलेंस्की अब युद्ध को लेकर बातचीत के लिए अमेरिकी दूतों स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर के साथ वीडियो कॉल करने वाले हैं।
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युद्ध की आग अब यूक्रेन की सीमाओं से बाहर भी फैलने लगी है। फिनलैंड, एस्टोनिया और लातविया जैसे देशों ने अपनी सीमाओं में यूक्रेनी मूल के ड्रोन गिरने या देखे जाने की सूचना दी है। फिनलैंड में पहली बार विस्फोटक ले जा रहा एक ड्रोन मिला है जो इस युद्ध के फिनिश धरती पर फैलने का पहला संकेत है। यूक्रेन ने स्पष्ट किया है कि उसका लक्ष्य इन देशों को निशाना बनाना कभी नहीं था और ये ड्रोन शायद रूसी तेल डिपो पर हमलों के दौरान रास्ता भटक गए थे।