ईरानी प्रशासन ने की सीजफायर की गुजारिश, ट्रंप का बड़ा दावा; 'होर्मुज' को लेकर रखी ये शर्तें

Trump Iran Ceasefire: ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के नए प्रशासन ने युद्धविराम का अनुरोध किया है। ट्रंप ने शर्त रखी है कि जब तक होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोला नहीं जाता तब तक हमले जारी रहेंगे।
Trump Address to Nation
डोनाल्ड ट्रंप (सो. सोशल मीडिया)
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Trump Iran Hormuz Statement: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक राजनीति में एक बार फिर बड़ा दावा कर हलचल मचा दी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'ट्रुथ सोशल' पर जानकारी दी कि ईरान के नए प्रशासन ने उनसे संपर्क किया है और सीजफायर की घोषणा करने का अनुरोध किया है।

ट्रंप का दावा है कि ईरान में पूर्ण सत्ता परिवर्तन हो चुका है और नया शासन अपने पूर्ववर्तियों की तुलना में कम कट्टर और कहीं अधिक बुद्धिमान है। हालांकि उन्होंने इस नए नेतृत्व या राष्ट्रपति के नाम का खुलासा नहीं किया है।

जंग रोकने के लिए 'होर्मुज' की कड़ी शर्त

सीजफायर की गुजारिश पर ट्रंप ने अपनी शर्तें भी स्पष्ट कर दी हैं। उन्होंने कहा है कि अमेरिका युद्धविराम पर तभी विचार करेगा जब  Strait of Hormuz अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षित, स्वतंत्र और निर्बाध आवाजाही के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। ट्रंप ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक यह शर्त पूरी नहीं होती तब तक अमेरिका ईरान को तबाह करना जारी रखेगा और उसे वापस Stone Ages में धकेल देगा।

ईरान और IRGC का पलटवार

ट्रंप के इन दावों पर ईरान की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया आई है। ईरानी अधिकारियों ने 'अलजजीरा' के माध्यम से ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने किसी भी तरह के सीजफायर की मांग नहीं की है। वहीं, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने ट्रंप के बयान को 'बेतुका' करार दिया है। IRGC ने स्पष्ट चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से उनकी नेवी के कंट्रोल में है और किसी भी दबाव या धमकी के कारण इसे दुश्मनों के लिए नहीं खोला जाएगा।

नाटो पर ट्रंप का रुख

ट्रंप ने रॉयटर्स से बातचीत में यह भी संकेत दिया कि अमेरिकी सेना जल्द ही ईरान से बाहर होने वाली है। उन्होंने विश्वास जताया कि ईरान के पास अब परमाणु बम नहीं रहेगा और न ही वे इसे रखना चाहते हैं। ट्रंप ने कहा कि वे ईरान के यूरेनियम संवर्धन पर सैटेलाइट के जरिए नजर रख सकते हैं। इसी संबोधन के दौरान उन्होंने एक बार फिर NATO को 'कागजी शेर' बताते हुए उससे अलग होने की अपनी मंशा दोहराई।

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