जर्मन फाइटर जेट्स के ‘एस्कॉर्ट’ के साथ बर्लिन पहुंचे राजनाथ सिंह, 7 साल बाद भारत-जर्मनी रचेंगे रक्षा इतिहास
Rajnath Singh Germany Visit: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिवसीय यात्रा पर बर्लिन पहुंचे हैं, जहां वह 'मेक इन इंडिया' के तहत जर्मनी के साथ रक्षा उत्पादन और AI में द्विपक्षीय सहयोग को नया आयाम देंगे।
- Written By: अमन उपाध्याय
राजनाथ सिंह, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Rajnath Singh Germany Visit Defense Partnership: भारत और जर्मनी के बीच सामरिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर बर्लिन पहुंचे। वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में हो रहे तेजी से बदलाव के बीच राजनाथ सिंह की इस यात्रा को कूटनीतिक और सैन्य दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेष बात यह रही कि म्यूनिख से बर्लिन की यात्रा के दौरान जर्मन वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने राजनाथ सिंह के विमान को ‘एस्कॉर्ट’ किया जो इस यात्रा के विशेष सामरिक महत्व को दर्शाता है।
राजसी स्वागत और सामरिक सम्मान
बर्लिन पहुंचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का औपचारिक सैन्य सम्मान के साथ स्वागत किया गया। जर्मन वायुसेना द्वारा उनके विशेष विमान को लड़ाकू विमानों की सुरक्षा के बीच बर्लिन तक लाना यह संकेत देता है कि जर्मनी भारत को अपने एक प्रमुख वैश्विक रक्षा साझेदार के रूप में देख रहा है। राजनाथ सिंह ने अपनी यात्रा की शुरुआत म्यूनिख से की थी, जहाँ से वह मंगलवार को बर्लिन पहुंचे।
‘मेक इन इंडिया’ पर फोकस
इस यात्रा का सबसे प्रमुख एजेंडा भारत की ‘मेक इन इंडिया’ पहल को रक्षा क्षेत्र में मजबूती प्रदान करना है। बर्लिन पहुंचने के बाद राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि वह जर्मनी के रक्षा उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ संवाद को लेकर काफी उत्साहित हैं। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य संयुक्त विकास और सह-उत्पादन को बढ़ावा देना है, जिससे भारत की रक्षा क्षमताओं को और अधिक आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
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Landed in Berlin on a three day visit to Germany. Looking forward to have a fruitful meeting with my German counterpart and also interact with the key representatives of the German defence industry, with a view to promoting joint development and co-production under the… pic.twitter.com/O0qCMiKPED — Rajnath Singh (@rajnathsingh) April 21, 2026
सात साल का इंतजार
भारतीय रक्षा मंत्री की यह जर्मनी यात्रा सात साल के लंबे अंतराल के बाद हो रही है। इससे पहले, जून 2023 में जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने भारत का दौरा किया था, जहाँ दोनों देशों के बीच व्यापक स्तर पर बातचीत हुई थी। अब राजनाथ सिंह की यह वापसी यात्रा 21 से 23 अप्रैल तक चलेगी, जिसमें वह अपने जर्मन समकक्ष के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन बैठकों में उन्नत तकनीक, तकनीकी साझेदारी और रक्षा निर्माण के क्षेत्र में नई संभावनाओं पर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है।
शांति अभियानों पर बड़ी डील
सूत्रों के अनुसार, दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच होने वाली वार्ता केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों की भी तलाश की जाएगी।
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उम्मीद जताई जा रही है कि इस यात्रा के दौरान एक ‘रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप’ और संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा अभियानों के प्रशिक्षण में सहयोग के लिए महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। यह सहयोग भारत को भविष्य की युद्ध तकनीकों में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
