2 साल की देरी होने पर HAL पर गिरेगी गाज! तेजस Mk1A की डिलीवरी को लेकर रक्षा मंत्रालय लेगा एक्शन,
LCA Tejas Mk1A: वायुसेना को LCA तेजस Mk1A विमान डिलीवरी में देरी को लेकर रक्षा मंत्रालय, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड पर जुर्माना लगाने की तैयारी में है। लड़ाकू विमान की डिलीवरी 2 साल पहले होनी थी।
- Written By: स्निग्धा श्रीवास्तव
LCA तेजस Mk1A (सोर्स- सोशल मीडिया)
Defence Ministry Strict Regarding LCA Tejas Mk1A Delivery: सरकारी विमान निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ( HAL) पर रक्षा मंत्रालय जुर्माना लगाने की तैयारी कर रहा है। रक्षा मंत्रालय ने यह फैसला LCA तेजस Mk1A विमान की डिलीवरी में 2 साल की देरी के बाद लिया है। दरअसल हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) तय समयसीमा के दो साल बाद भी वायुसेना को एक भी तेजस Mk1A विमान डिलीवर नही कर पाई है।
इंजन सप्लाई में आई अड़चन
बता दें कि HAL को दो साल पहले ही लड़ाकू विमान LCA तेजस Mk1A डिलीवर करना था, लेकिन अब तक वायुसेना को यह नही मिल नहीं पाया है। कंपनी का दावा है कि इंजन सप्लाई में आई रही अड़चन के कारण यह देरी हुई है। HAL के मुताबिक अभी तक अमेरिका से इंजन नहीं मिल पा रहा है। इसलिए LCA तेजस Mk1A की डिलीवरी नहीं हो पा रही है। इस मामले पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दखल दिया था। इंजन की सप्लाई में देरी का मुद्दा रक्षा मंत्री ने कई बार अमेरिकी रक्षा मंत्री के आगे भी उठाया था।
2021 में 45,696 करोड़ रुपये में हुआ था समझौता
बता दें कि रक्षा मंत्रालय ने साल 2021 में सरकारी विमान निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ( HAL) के साथ 83 LCA तेजस Mk1A को लेकर समझौता किया था। इस डील की कीमत 45,696 करोड़ रुपये थी। इन 83 विमानों में से 73 लड़ाकू विमान और 10 ट्रेनर विमान शामिल हैं। समझौते के अनुसार HAL को फरवरी 2024 से विमानों की डिलीवरी शुरू करनी थी। हर साल HAL को करीब 8 विमान की डिलीवरी करनी थी। लेकिन अभी तक वायुसेना को एक भी विमान नही दिया गया है।
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अमेरिकी कंपनी ने की F404-IN20 इंजन की डिलीवरी
HAL का दावा है कि इंजन की सप्लाई में देरी के कारण लड़ाकू विमान नहीं दिया गया है। अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक को तेजस Mk1A के लिए F404-IN20 इंजन देने हैं। लेकिन अमेरिकी कंपनी ने अभी तक इंजन की डिलीवरी नहीं की है। जानकारी के मुताबिक, इंजन की सप्लाई को लेकर 2021 में 99 इंजनों की खरीद का समझौता हुआ था और अप्रैल 2023 से इनकी डिलीवरी शुरू होनी थी। लेकिन अप्रैल 2026 तक भारत को मात्र 6 इंजन ही मिलें हैं।
विमान तैयार, इंजन लगना बाकी
HAL के मुताबिक 5 LCA तेजस Mk1A विमान पूरी तरह तैयार हैं और 9 विमान और बन चुके हैं और उनकी टेस्टिंग भी हो चुकी है लेकिन इनमें टेस्टिंग वाले इंजन लगे हैं, जिन्हें बाद में GE के F404-IN20 इंजन से बदला जाना है। इसलिए विमान HAL की फैक्ट्री में तैयार होने के बाद भी खड़े है, डिलीवरी के लिए इंजन का इंतजार किया जा रहा है।
आधुनिकीकरण पर पड़ रहा असर
तेजस Mk1A भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण का अहम माना जा रहा है। इन विमानों की देरी से वायुसेना की नई स्क्वाड्रन के गठन और पुराने लड़ाकू विमानों को बदलने की योजना प्रभावित हो रही है। ऐसे में अब सवाल यह है कि HAL से यह फाइटर जेट वायुसेना को कब मिलेंगे?
