ईरान फ्लैग (सोर्स-सोशल मीडिया)
Al Udeid Air Base Qatar personnel withdrawal: मध्य पूर्व में गहराते संकट और ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच कतर ने एक महत्वपूर्ण रक्षात्मक कदम उठाया है। कतर सरकार के इंटरनेशनल मीडिया ऑफिस ने आधिकारिक पुष्टि की है कि सुरक्षा कारणों से अल उदैद एयरबेस से कुछ कर्मियों की वापसी की जा रही है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जारी अशांति पर कड़े हस्तक्षेप की चेतावनी दी है। क्षेत्रीय तनाव की स्थिति को देखते हुए यह कदम एहतियाती बताया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित सैन्य टकराव की स्थिति में कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कतर स्थित अल उदैद एयरबेस मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य केंद्र है, जहां लगभग 10,000 अमेरिकी सैनिक तैनात रहते हैं। रॉयटर्स और स्थानीय मीडिया के अनुसार, मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए बुधवार शाम तक कुछ कर्मियों को बेस छोड़ने की सलाह दी गई थी। कतर के इंटरनेशनल मीडिया ऑफिस (IMO) ने स्पष्ट किया कि यह कदम पूरी तरह से “क्षेत्रीय तनाव के जवाब में” उठाया गया है।
ईरान के रक्षा मंत्री अज़ीज़ नसीरज़ादेह ने इस सैन्य हलचल पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ईरान अपनी अंतिम बूंद तक रक्षा करेगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि वाशिंगटन किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करता है, तो अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मेजबानी करने वाले पड़ोसी देश भी निशाने पर हो सकते हैं। ईरान ने कहा है कि उनकी जवाबी कार्रवाई “अत्यंत दर्दनाक” होगी और अमेरिकी हितों को वैश्विक स्तर पर नुकसान पहुंचाया जाएगा।
तनाव बढ़ने के साथ ही ईरान ने कूटनीतिक मोर्चे पर भी मोर्चा खोल दिया है और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। ईरानी राजदूत अमीर सईद इरावानी ने राष्ट्रपति ट्रंप पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ के जरिए हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। उन्होंने सुरक्षा परिषद से मांग की है कि अमेरिका द्वारा बल प्रयोग की धमकी और ईरान की संप्रभुता के उल्लंघन की कड़े शब्दों में निंदा की जाए।
इसी बीच, ईरान में स्थित अमेरिकी वर्चुअल दूतावास ने एक गंभीर चेतावनी जारी करते हुए सभी अमेरिकी नागरिकों को तत्काल देश छोड़ने की अपील की है। दूतावास ने सलाह दी है कि नागरिक इंटरनेट ब्लैकआउट और परिवहन बाधाओं के लिए तैयार रहें और अगर संभव हो तो तुर्की या आर्मेनिया के रास्ते जमीनी मार्ग से निकलें। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई एयरलाइनों ने भी ईरान के लिए अपनी उड़ानों को रद्द या सीमित कर दिया है।
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कतर सरकार ने दोहराया है कि उनके नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। अल उदैद एयरबेस न केवल अमेरिका बल्कि कतर के लिए भी सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसे पिछले साल भी ईरानी मिसाइल हमलों का सामना करना पड़ा था। कतर फिलहाल क्षेत्र में तनाव कम करने और बातचीत शुरू करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।
Ans: कतर के अनुसार, ईरान में जारी अशांति और अमेरिका के साथ बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के कारण सुरक्षा की दृष्टि से एहतियातन कुछ कर्मियों को हटाया गया है।
Ans: यह मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य केंद्र है और यहाँ लगभग 10,000 अमेरिकी सैनिक और बड़ी संख्या में सैन्य साजो-सामान तैनात रहता है।
Ans: ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने उसके खिलाफ सैन्य हस्तक्षेप किया, तो उन देशों के सैन्य अड्डे भी वैध निशाना होंगे जहाँ अमेरिकी सेना मौजूद है।
Ans: वर्चुअल दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने और इंटरनेट ब्लैकआउट जैसी स्थितियों के लिए तैयार रहने के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है।
Ans: नहीं, यह एक "पोस्चर चेंज" या आंशिक बदलाव है। कतर और राजनयिकों के अनुसार यह एक सीमित सुरक्षा उपाय है, न कि पूर्ण सैन्य निकासी।