मिट्टी में मिलाने की धमकी दे रहे ट्रंप...आधी रात को ईरानी विदेश मंत्री ने भारत घुमाया फोन, जानें क्या हुई बात

India Iran Relations: ईरान में बढ़ते संकट के बीच विदेश मंत्री जयशंकर और ईरानी समकक्ष अराघची ने फोन पर बात की, जबकि भारत ने नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह दी।
Jaishankar-Araghchi Phone Call
एस जयशंकर, सैयद अब्बास अराघची (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Jaishankar-Araghchi Phone Call: ईरान में लगातार गहराते राजनीतिक और सामाजिक संकट के बीच भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच बुधवार देर रात फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत में ईरान और उसके आसपास तेजी से बदलते हालात पर विस्तार से चर्चा की गई। विदेश मंत्री जयशंकर ने इस वार्ता की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए बताया कि दोनों पक्षों ने क्षेत्र में उभरती स्थिति और उसके संभावित प्रभावों पर विचार-विमर्श किया।

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत सरकार ने ईरान में मौजूदा हालात को देखते हुए अपने नागरिकों के लिए एक अहम एडवाइजरी जारी की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को सुरक्षा कारणों से देश छोड़ने की सलाह दी है। दूतावास ने विशेष रूप से भारतीय छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों से कहा है कि वे उपलब्ध विमानों या अन्य सुरक्षित साधनों के जरिए जल्द से जल्द ईरान से बाहर निकलने की योजना बनाएं।

भारत ने एडवाइजरी में क्या कहा?

एडवाइजरी में नागरिकों को सतर्क रहने, अपने पासपोर्ट, पहचान पत्र और अन्य जरूरी इमिग्रेशन दस्तावेज हमेशा साथ रखने की हिदायत दी गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि जहां भी प्रदर्शन या विरोध हो रहे हों, उन इलाकों से दूर रहें और स्थानीय हालात पर लगातार नजर बनाए रखें। भारतीय नागरिकों को तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने और उसकी वेबसाइट व सोशल मीडिया हैंडल्स से नियमित अपडेट लेने की सलाह दी गई है। रेजिडेंट वीजा पर रह रहे भारतीयों से दूतावास में पंजीकरण कराने को भी कहा गया है।

ईरान के कई शहरों में जारी हिंसक प्रदर्शनों में अब तक भारी जानमाल के नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। ईरानी अधिकारियों ने करीब 2500 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि मरने वालों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।

ईरान पर हमले की तैयारी में ट्रंप

इस बीच अमेरिका ने भी कड़ा रुख अपनाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की आयतुल्ला अली खामेनेई सरकार को चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा के गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने ईरान में आंदोलन कर रहे लोगों का समर्थन करते हुए अमेरिकी सहायता की बात भी कही है, जिससे क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा अमेरिका ने अपने नागरिकों को भी तत्काल ईरान छोड़ने की सलाह दी है और वैकल्पिक रूप से आर्मेनिया या तुर्की के रास्ते बाहर निकलने को कहा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com