पहले उड़ाया भारत का मजाक...अब मांग रहे माफी, विदेश मंत्रालय ने ऐसा क्या कर दिया कि डर गए ललित मोदी

Lalit Modi: हाल ही में ललित मोदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया था। इस वीडियो में वे बेहद भावुक और आक्रोशित नजर आ रहे थे। जिसके बाद मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी।
Lalit Modi Apologized After Being Reprimanded By The Ministry Of External Affairs
ललित मोदी और विजय माल्या, (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Lalit Modi apologises: आईपीएल के पूर्व चेयरमैन और भगोड़े कारोबारी ललित मोदी, जो पिछले कई दिनों से अपने एक वायरल वीडियो को लेकर विवादों में घिरे थे, उन्होंने अब इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। ललित मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए अपने व्यवहार के लिए माफी मांगी है और स्पष्ट किया है कि उनके मन में भारत सरकार और देश की न्यायपालिका के प्रति अटूट सम्मान है।

क्या था पूरा विवाद?

हाल ही में ललित मोदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया था। इस वीडियो में वे बेहद भावुक और आक्रोशित नजर आ रहे थे। वीडियो में उन्होंने भारतीय व्यवस्था और कुछ राजनेताओं के खिलाफ तल्ख टिप्पणियां की थीं। इसके बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि किसी भी भगोड़े को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें भारत वापस लाने की प्रक्रिया जारी है।

माफीनामे में ललित मोदी ने क्या कहा?

ललित मोदी ने अपने ताजा बयान में कहा कि पिछले दिनों वायरल हुए वीडियो में मेरी बातों से अगर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है या सरकार की गरिमा को नुकसान पहुंचा है, तो मैं उसके लिए बिना शर्त माफी मांगता हूँ। मेरे मन में भारत सरकार, माननीय प्रधानमंत्री और हमारी कानूनी व्यवस्था के प्रति सर्वोच्च सम्मान है। उन्होंने आगे सफाई देते हुए कहा कि उस वीडियो में उनकी बातें किसी दुर्भावना से प्रेरित नहीं थीं, बल्कि वह एक "भावनात्मक क्षण" था। उन्होंने बताया कि लंबे समय से अपने देश से दूर रहने और कानूनी लड़ाइयों के चलते वे भारी मानसिक दबाव में थे, जिसके कारण उनके शब्द अनियंत्रित हो गए।

MEA का दबाव और प्रत्यर्पण की तलवार

विशेषज्ञों का मानना है कि ललित मोदी का यह नरम रुख भारत सरकार के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव का परिणाम हो सकता है। हाल ही में भारत सरकार ने ब्रिटेन और अन्य देशों के साथ भगोड़ों के प्रत्यर्पण (Extradition) को लेकर अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया था कि "ऐश की जिंदगी" जी रहे भगोड़े कानून के लंबे हाथों से बच नहीं पाएंगे।

क्या बदलेगी सरकार की रणनीति?

भले ही ललित मोदी ने माफी मांग ली हो, लेकिन कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इससे उनके खिलाफ चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य एजेंसियां अभी भी उन्हें भारत लाकर अदालत के कटघरे में खड़ा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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