PM मोदी एयरपोर्ट पहुंचकर किए UAE के राष्ट्रपति का स्वागत, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
PM Modi UAE President Welcome: भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी की एक और ऐतिहासिक झलक सोमवार को देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष आमंत्रण पर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान सोमवार को आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचे। यह दौरा करीब दो घंटे का है।
उनके भारत पहुंचते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए खुद एयरपोर्ट जाकर यूएई के राष्ट्रपति की आगवानी की। इतना ही नहीं दोनों नेता एयरपोर्ट से एक ही गाड़ी में रवाना हुए।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए राष्ट्रपति नाहयान को अपना ‘भाई’ बताया। उन्होंने लिखा कि एयरपोर्ट जाकर उनका स्वागत करना भारत-यूएई की मजबूत दोस्ती को दी जाने वाली अहमियत को दर्शाता है। राष्ट्रपति बनने के बाद नाहयान का यह तीसरा भारत दौरा है, जबकि पिछले 10 वर्षों में वे कुल पांच बार भारत आ चुके हैं।
Went to the airport to welcome my brother, His Highness Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan, President of the UAE. His visit illustrates the importance he attaches to a strong India-UAE friendship. Looking forward to our discussions.@MohamedBinZayed pic.twitter.com/Os3FRvVrBc — Narendra Modi (@narendramodi) January 19, 2026
हालांकि यह दौरा महज दो घंटे का है लेकिन कम समय की इस बैठक में दोनों देशों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, 2022 में हुए आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के बाद द्विपक्षीय व्यापार को और मजबूती देने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही रक्षा सहयोग बढ़ाने और भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।
क्षेत्रीय हालात पर भी गहन चर्चा हुई, जिसमें ईरान-अमेरिका के तनावपूर्ण संबंध, यमन को लेकर सऊदी अरब और यूएई के बीच चल रही खींचतान तथा गाजा की मौजूदा राजनीतिक स्थिति प्रमुख रही।
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यह उच्च-स्तरीय दौरा सितंबर 2024 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद की भारत यात्रा के बाद हुआ है। जानकारों का मानना है कि इतनी छोटी अवधि के लिए यूएई राष्ट्रपति का भारत आना यह स्पष्ट करता है कि दोनों देश वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर एक-दूसरे के साथ निरंतर संपर्क में हैं और अपनी रणनीतिक साझेदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।