इराक-अफगान के बाद अब सीरिया में भी फेल हुआ US, SDF ने किया का सरेंडर, प्रमुख शहरों पर सीरियाई सेना का कब्जा

Syrian Army: सीरिया में अमेरिका की सेंट्रल कमांड को बड़ा झटका लगा है। सीरियाई सेना ने रक्का और देइर-एज-जोर जैसे रणनीतिक शहरों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है और SDF को भंग करने का समझौता हुआ है।
After Iraq and Afghanistan, the US has now failed in Syria as well; the SDF has surrendered, and the Syrian army has captured major cities.
सीरियाई सेना ने रक्का पर कब्ज़ा कर लिया, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Syrian Army Captures Raqqa: पिछले कुछ दिनों में सीरियाई सरकार की सेना ने देश के उत्तर-पूर्व में बड़ा सैन्य और राजनीतिक बदलाव किया है। देइर-एज-जोर और रक्का जैसे अहम प्रांत जो अब तक SDF के नियंत्रण में थे अब लगभग पूरी तरह सरकार के हाथ में आ गए हैं।

ये इलाके रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यहां तेल-गैस के बड़े भंडार, यूफ्रेट्स नदी के बांध और अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर क्रॉसिंग मौजूद हैं। सेना ने हाल ही में तब्का शहर पर भी कब्जा किया है।

राष्ट्रपति अल-शारा और SDF के बीच समझौता

सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शारा ने SDF के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: • SDF को पूरी तरह भंग किया जाएगा और इसके लड़ाके धीरे-धीरे सीरियाई सेना और सुरक्षा बलों में शामिल होंगे। • SDF के वरिष्ठ अधिकारियों को सरकारी संस्थानों में ऊंचे पद दिए जाएंगे। • रक्का, देइर-एज-जोर, बॉर्डर पोस्ट और तेल-गैस फील्ड्स का नियंत्रण पूरी तरह सरकार को सौंप दिया जाएगा। • हसाका प्रांत का नागरिक प्रशासन और ISIS कैदियों के कैंप भी सरकार के अधीन होंगे।

CENTCOM की एक और 'रणनीतिक नाकामी'

विशेषज्ञों और स्रोतों के अनुसार, सीरिया के हालात अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की एक और बड़ी नाकामी को दर्शाते हैं। CENTCOM पिछले कई सालों से SDF को सीरिया की सबसे प्रभावी ताकत बताता रहा था लेकिन हकीकत में यह परियोजना कमजोर साबित हुई। यह आरोप लगाया जा रहा है कि CENTCOM बार-बार ऐसी मिलिशिया का समर्थन करता है जो स्थानीय समाज और राजनीतिक हालात से मेल नहीं खातीं जिससे अंत में अमेरिका की साख को नुकसान पहुंचता है।

अफगानिस्तान और इराक जैसे हालात

स्रोतों के अनुसार, सीरिया की यह स्थिति अफगानिस्तान की याद दिलाती है, जहां खरबों डॉलर खर्च करने के बाद भी तालिबान ने तेजी से कब्जा कर लिया था। इसी तरह इराक में भी CENTCOM की नीतियों के कारण सांप्रदायिक तनाव बढ़ा और ISIS का उभार हुआ। अब सीरिया में भी विपक्षी बल बहुत तेजी से SDF को हरा रहे हैं, जिससे साफ है कि जिस परियोजना पर अमेरिका ने भारी निवेश किया था, वह ढह रही है।

जनता ने किया सेना का स्वागत

जैसे-जैसे सीरियाई सेना आगे बढ़ रही है कई इलाकों में आम लोग सड़कों पर उतरकर जश्न मना रहे हैं। कई अरब जनजातियों ने, जो पहले SDF से नाखुश थीं अब सरकार का समर्थन किया है। कुछ जगहों पर तो स्थानीय नागरिकों ने खुद हथियार उठाकर सीरियाई सेना के आने से पहले ही अपने इलाकों को मुक्त करा लिया।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com