ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को दी चेतावनी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Iran Cyber Attack: ईरान में सोमवार को बड़े पैमाने पर साइबर हमला हुआ, जिसमें सभी टीवी चैनलों को हैक कर हाल ही के सरकार-विरोधी हिंसक प्रदर्शनों की वीडियो और निर्वासित प्रिंस रेज़ा पहलवी का संदेश प्रसारित किया गया। इसमें उन्होंने जनता से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। इस हमले ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इसे किसने अंजाम दिया, लेकिन ईरान ने इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी ने सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खमेनेई पर हमला किया, तो उसे ईरान के खिलाफ युद्ध माना जाएगा। पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यदि ईरानी नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, तो इसके लिए अमेरिकी सरकार और उसके सहयोगियों की लंबी दुश्मनी और अमानवीय प्रतिबंध जिम्मेदार हैं। उन्होंने जोर दिया कि देश के सुप्रीम लीडर के खिलाफ कोई भी हमला ईरान के खिलाफ पूर्ण युद्ध के समान होगा।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि “ईरान में नया नेतृत्व देखने का समय आ गया है।” हालांकि, ईरान ने अमेरिका पर हमले की योजना होने के आरोप को खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अमेरिका जानबूझकर ऐसे आरोप लगा रहा है ताकि क्षेत्र में माहौल खराब हो और तनाव बढ़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए अपनी सेना को मजबूत करेगा और किसी भी हमला करने पर कड़ा जवाब देगा।
साथ ही, अमेरिका ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्हें खबर मिली है कि ईरान उनके ठिकानों पर हमला करने की तैयारी में है। अमेरिका ने चेतावनी दी कि अगर उनके किसी ठिकाने पर हमला हुआ, तो वे पूरी ताकत के साथ पलटवार करेंगे।
ईरान में प्रदर्शन 28 दिसंबर को खराब अर्थव्यवस्था के कारण शुरू हुए थे। सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने इन प्रदर्शनों में ‘हजारों’ लोगों की मौतों को स्वीकार किया और इसका जिम्मेदार अमेरिका ठहराया। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इस दौरान 24,348 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया।
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ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर अशांति फैलाने के आरोप लगाए हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए जानलेवा बल का उपयोग करती है, तो अमेरिका सख्त कार्रवाई करेगा। अमेरिका स्थित एक मानवाधिकार संगठन के अनुसार, अब तक 3,766 लोग मारे गए हैं और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
Ans: सोमवार को ईरान के सभी टीवी चैनल हैक हुए और प्रदर्शन व प्रिंस रेज़ा पहलवी का संदेश दिखाया गया। ईरान ने अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।
Ans: ईरान ने कहा कि सुप्रीम लीडर पर हमला युद्ध के बराबर होगा। अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर हमले की आशंका जताई और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।
Ans: प्रदर्शन खराब अर्थव्यवस्था के कारण शुरू हुए। अब तक 3,766 लोग मारे गए और 24,348 गिरफ्तार हुए।