पापुआ न्यू गिनी में 6.4 तीव्रता का भूकंप, रिंग ऑफ फायर में फिर कांपी धरती; जानें क्या है वजह?

Papua New Guinea Earthquake: सोमवार को पापुआ न्यू गिनी में 6.4 तीव्रता का गहरा भूकंप आया। झटकों से इलाके में दहशत फैल गई हालात को देखते हुए अधिकारी संभावित असर और आफ्टरशॉक का आकलन कर रहे हैं।
A 6.4 magnitude earthquake strikes Papua New Guinea; the earth shakes again in the Ring of Fire. What is the reason?
भूकंप की सांकेतिक तस्वीर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Earthquake Latest News In Hindi: पापुआ न्यू गिनी में सोमवार, 22 दिसंबर को तेज भूकंप के झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। जर्मनी स्थित GFZ जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.4 मापी गई। यह भूकंप भारतीय समयानुसार दोपहर से पहले आया जबकि अंतरराष्ट्रीय समय के मुताबिक यह घटना 10:31:28 GMT पर दर्ज की गई।

भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर लगभग 108.8 किलोमीटर की गहराई पर था। इसके शुरुआती निर्देशांक 5.78 डिग्री दक्षिण अक्षांश और 145.50 डिग्री पूर्वी देशांतर बताए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप की गहराई अधिक होने की वजह से सतह पर बड़े पैमाने पर तबाही की संभावना कम रहती है, हालांकि झटके दूर-दूर तक महसूस किए जा सकते हैं।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां सतर्क

इस भूकंप की पुष्टि यू.एस. जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने भी की है। USGS के मुताबिक, भूकंप का केंद्र पापुआ न्यू गिनी के गोरोका शहर से लगभग 26 मील उत्तर-पूर्व में स्थित था। झटके महसूस होते ही स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां सतर्क हो गईं। फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अधिकारी संभावित प्रभावों और इसके बाद आने वाले किसी भी आफ्टरशॉक पर नजर बनाए हुए हैं।

रिंग ऑफ फायर का हिस्सा

पापुआ न्यू गिनी भौगोलिक रूप से अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। यह देश प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ का हिस्सा है, जो दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय और ज्वालामुखीय क्षेत्रों में गिना जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दुनिया के कई अत्यंत सक्रिय ज्वालामुखी इसी क्षेत्र में स्थित हैं, जिसके कारण यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां देखने को मिलती हैं।

अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके

इससे पहले 19 दिसंबर को अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। वहां भूकंप की तीव्रता 4.1 दर्ज की गई थी और इसकी गहराई जमीन से लगभग 10 किलोमीटर थी। राष्ट्रीय भू-विज्ञान केंद्र के मुताबिक, अफगानिस्तान का हिंदू कुश क्षेत्र भूकंप के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है।

बार-बार भूकंपीय गतिविधियां

विशेषज्ञ बताते हैं कि भूकंप का मुख्य कारण टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल होती है। अफगानिस्तान भारतीय, यूरेशियाई और अरब टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव क्षेत्र में स्थित है। इन प्लेटों के लगातार खिसकने और टकराने से वहां बार-बार भूकंपीय गतिविधियां होती हैं। इसी तरह पापुआ न्यू गिनी भी कई टेक्टोनिक प्लेटों के संगम क्षेत्र में स्थित है, जिससे यहां शक्तिशाली भूकंप का खतरा बना रहता है। फिलहाल पापुआ न्यू गिनी में हालिया भूकंप को लेकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

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