आज रंग पंचमी पर इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, राधा रानी की कृपा से हर काम में मिलेगी सफलता

Radha Krishna Puja: चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि पर रंग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी को अबीर‑गुलाल अर्पित करने तथा विधिपूर्वक पूजा करने की परंपरा है।
Rang Panchami Shubh Muhurat
भगवान कृष्ण-राधा (सौ.सोशल मीडिया)
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Rang Panchami Shubh Muhurat: आज 8 मार्च को पूरे देशभर में रंग पंचमी का पावन पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस पर्व का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना गया है। पंचांग के अनुसार, हर साल चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है।

होली के 5वें दिन, चैत्र कृष्ण पंचमी पर, इसे "देवताओं की होली" भी कहते हैं, जहां गुलाल उड़ाकर दिव्य आनंद और सौभाग्य की कामना की जाती है। यह दिन भगवान कृष्ण-राधा की पूजा और रंगोत्सव के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, विशेष रूप से इंदौर और बृज में।

रंग पंचमी के साथ ब्रज क्षेत्र में चलने वाला लगभग 40 दिनों का होली उत्सव भी समाप्त हो जाता है।

देवताओं को समर्पित पर्व 'रंग पंचमी'

धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि, इस दिन रंग खेलने और उत्सव मनाने से देवता प्रसन्न होते हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि तथा खुशहाली का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। रंग पंचमी को देवताओं को समर्पित पर्व माना जाता है, इसलिए इसे देव पंचमी या श्री पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। रंग पंचमी पर राधा-कृष्ण और लक्ष्मी जी की पूजा करने का विधान है। इस साल रंग पंचमी का पर्व 8 मार्च को धूमधाम से मनाया जा रहा है। आइए जानते हैं रंग पंचमी का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, आरती और मंत्र…

रंग पंचमी 2026 शुभ मुहूर्त और समय

  • पंचमी तिथि आरंभ: 7 मार्च 2026 को शाम 07:17 बजे से
  • पंचमी तिथि समाप्त: 8 मार्च 2026 को रात 09:10 बजे तक
  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:01 से सुबह 05:50 तक
  • सुबह का शुभ मुहूर्त: सुबह 06:45 से सुबह 10:27 तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:09 से दोपहर 12:56 तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 से दोपहर 03:17 तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:23 से शाम 06:47 तक

रंग पंचमी का महत्व

रंग पंचमी जिसे 'देव पंचमी' भी कहा जाता है पर देवताओं के साथ होली खेली जाती है। माना जाता है कि इस दिन हवा में गुलाल उड़ाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और राधा-कृष्ण की पूजा करने से सुख-समृद्धि और ज्ञान में वृद्धि होती है।

पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  • चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं।
  • भगवान राधा-कृष्ण और मां लक्ष्मी के संग भगवान विष्णु की प्रतिमा को स्थापित करें।
  • तिलक लगाएं। उन्हें फूलों की माला अर्पित करें।
  • गुलाल और अबीर प्रभु के चरणों में अर्पित करें।
  • देसी घी का दीपक जलाएं और आरती करें।
  • मंत्रों का जप करें।
  • जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें।
  • फल और मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं।
  • अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें।
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