पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को दी चेतावनी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Pakistan Threatens Afghanistan: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। सोमवार को खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर इलाके में हुए एक भीषण आत्मघाती हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है।
इस हमले में विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी को सुरक्षा चेक पोस्ट से टकरा दिया गया था जिसमें 11 पाकिस्तानी सैनिक और एक नागरिक की जान चली गई थी। पाकिस्तान का आरोप है कि इस हमले के लिए अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किया गया था।
इस घटना के विरोध में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार दोपहर को अफगान मिशन के डिप्टी हेड को तलब किया और उन्हें एक ‘डिमार्श’ सौंपा। राजनयिक भाषा में ‘डिमार्श’ का अर्थ एक सरकार द्वारा दूसरी सरकार को दिया गया औपचारिक विरोध, चेतावनी या आधिकारिक संदेश होता है। पाकिस्तान ने इस संदेश के जरिए स्पष्ट किया है कि वह अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
पाकिस्तान ने धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि उसे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘आतंकी’ समूहों और उनके साथियों को जवाब देने और उन्हें खत्म करने का पूरा अधिकार है चाहे वे कहीं भी छिपे हों। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, पाकिस्तान ने तालिबान सरकार से बार-बार आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा मांगा है लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। पाकिस्तान ने इस हमले के पीछे ‘फितना अल खवारिज’ यानी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का हाथ बताया है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने गहरी चिंता व्यक्त की है कि TTP की पूरी लीडरशिप अफगानिस्तान में मौजूद है और वहां से बिना किसी डर के अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रही है। पाक सरकार ने अफगान तालिबान से मांग की है कि वे अपनी जमीन से काम करने वाले सभी आतंकी समूहों के खिलाफ तुरंत, ठोस और ‘वेरिफ़ाई’ किए जा सकने वाले कदम उठाएं। पाकिस्तान का मानना है कि तालिबान सरकार आतंकवादियों को बॉर्डर पार हमले करने से रोकने में पूरी तरह नाकाम रही है।
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दूसरी ओर, अफगान तालिबान ने पाकिस्तान के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। तालिबान सरकार का कहना है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ नहीं होने देते। इसके बजाय, उन्होंने पाकिस्तान को सलाह दी है कि उसे अपने सुरक्षा मामलों और आंतरिक समस्याओं को खुद कंट्रोल करना चाहिए न कि दूसरों पर दोष मढ़ना चाहिए। दोनों देशों के बीच जारी यह जुबानी जंग अब सैन्य टकराव की आशंका को जन्म दे रही है।