पाकिस्तान हॉकी टीम और पीएम शहबाज शरीफ (फोटो- सोशल मीडिया)
Pakistan Hockey Federation: एफआईएच प्रो लीग के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंची पाकिस्तान की हॉकी टीम को ऐसे हालात का सामना करना पड़ा, जिसने पूरे खेल जगत में हलचल मचा दी। टीम के खिलाड़ियों ने दावा किया कि उन्हें बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलीं। आरोपों के मुताबिक, खिलाड़ी लगभग 16 घंटे तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे क्योंकि उनके ठहरने की समुचित व्यवस्था नहीं थी। बाद में उन्हें होटल के बजाय एक गेस्ट हाउस में ठहराया गया, जहां एक कमरे में चार से पांच खिलाड़ियों को रहना पड़ा।
टीम के कप्तान अम्माद बट्ट ने आरोप लगाया कि खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने से पहले अपने बर्तन खुद धोने, टॉयलेट साफ करने और खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। इन दावों ने पाकिस्तान की खेल व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। खिलाड़ियों का कहना है कि इस तरह की परिस्थितियों में उच्च स्तर का प्रदर्शन करना बेहद कठिन हो जाता है।
इन आरोपों के सामने आने के बाद मामला और तूल पकड़ गया। पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने कप्तान अम्माद बट्ट पर ही अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए उन पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया। इस फैसले ने विवाद को और भड़का दिया और खेल जगत के साथ राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई।
विवाद बढ़ने और दबाव के चलते पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन के अध्यक्ष तारिक भुगती को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। उनके इस्तीफे के बाद यह मामला और ज्यादा गर्म हो गया है। कई पूर्व खिलाड़ियों और खेल विशेषज्ञों ने फेडरेशन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं और पारदर्शिता की मांग की है।
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इस पूरे घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड का दावा है कि खिलाड़ियों को पांच सितारा होटल और अन्य सुविधाएं देने के लिए एक करोड़ रुपये का फंड जारी किया गया था। अब यह जांच का विषय है कि यह राशि कहां और कैसे खर्च हुई। इस विवाद के बीच पाकिस्तान हॉकी टीम के हेड कोच ने भी अपना इस्तीफा देने की पेशकश कर दी है। खेल प्रदर्शन की बात करें तो टीम ने इस टूर्नामेंट में कुल आठ मुकाबले खेले और सभी में उसे हार का सामना करना पड़ा। खराब प्रदर्शन और प्रशासनिक अव्यवस्था ने पाकिस्तान हॉकी की छवि पर गहरा असर डाला है।